परम पूज्य आचार्य प्रज्ञा सागर जी का तलवंडी में मंगल प्रवेश, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश “सांसें हो रही हैं कम, आओ पेड़ लगाएं हम” का दिया प्रेरक आह्वान
कोटा के तलवंडी जैन मंदिर में परम पूज्य आचार्य 108 श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज का मंगल प्रवेश हुआ। आचार्यश्री ने “सांसें हो रही हैं कम, आओ पेड़ लगाएं हम” संदेश के साथ 108 वृक्षारोपण महाअभियान का शुभारंभ किया और पर्यावरण संरक्षण को जीवन का धर्म बताया।

कोटा। धर्म, पर्यावरण और समाजसेवा के संगम का अद्भुत दृश्य मंगलवार को कोटा के तलवंडी जैन मंदिर में देखने को मिला, जब परम पूज्य आचार्य 108 श्री प्रज्ञा सागर जी महाराज का ससंघ मंगल प्रवेश हुआ। विज्ञान नगर जैन मंदिर से विहार करते हुए जब आचार्यश्री का तलवंडी जैन मंदिर पहुंचना हुआ, तब समाजजनों ने पूरे हर्ष और श्रद्धा के साथ उनका स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने “सांसें हो रही हैं कम, आओ पेड़ लगाएं हम”, “पेड़ लगाओ—पेड़ बचाओ, जिंदगी को सुंदर बनाओ” जैसे नारों और पोस्टरों के साथ पर्यावरण संरक्षण का उत्साहजनक संदेश दिया।
इस अवसर पर तलवंडी जैन मंदिर समिति द्वारा आयोजित 108 वृक्षारोपण महाअभियान का शुभारंभ आचार्यश्री के सानिध्य में हुआ। आचार्यश्री ने अपने प्रेरक प्रवचन में कहा कि—“वृक्षारोपण केवल एक कार्य नहीं, बल्कि यह प्रत्येक नागरिक, प्रशासन और शासन की नैतिक जिम्मेदारी है। हर व्यक्ति को अपने जीवन में कम से कम 1000 वृक्ष लगाने का संकल्प लेना चाहिए, तभी हम आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और सुंदर पर्यावरण दे पाएंगे।”
आचार्यश्री ने तलवंडी मंदिर समिति और तलवंडी युवा शक्ति को इस जनजागरणात्मक पहल के लिए आशीर्वाद प्रदान किया। ग्रीन वेलफेयर सोसाइटी, कोटा के पदाधिकारियों ने लगाए गए पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी स्वीकार की। अनेक समाजजनों ने भी जीवन में 1000 वृक्ष लगाने का संकल्प दोहराया। मंदिर समिति के महामंत्री प्रकाश सामरिया ने बताया कि कार्यक्रम के विशेष सहयोगी अशोक सबदरा, राजेश मंगलम और मनोज पाटनी रहे।
कार्यक्रम में शहर जिला भाजपा अध्यक्ष राकेश मडिया, नेता प्रतिपक्ष विवेक राजवंशी, पार्षद योगेश राणा, तथा आयुर्वेदिक महाविद्यालय के प्राचार्य सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मंदिर पहुंचने के पश्चात आचार्यश्री ने चल रहे नंदीश्वर महामंडल विधान में सानिध्य प्रदान किया, जहां पं. अनिल डाबी व पं. अभिषेक शास्त्री द्वारा संगीत मय सामूहिक पूजन का संचालन किया गया। आचार्यश्री के पाद प्रक्षालन एवं जिनवाणी विराजमान करने का सौभाग्य तलवंडी के श्रेष्ठी विमल जी (वर्धमान ज्वैलर्स परिवार) को प्राप्त हुआ।
अपने उद्बोधन में आचार्यश्री ने जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा—“जीवन में पुरुषार्थ ही सच्चा तप है। धन का वास्तविक मूल्य तभी है जब वह धर्म के समक्ष नतमस्तक हो। मिथ्यात्व का त्याग कठिन अवश्य है, परंतु जब जीवन में जुनून और इच्छा शक्ति उत्पन्न होती है, तब कोई भी कार्य असंभव नहीं रहता।”
इस अवसर पर सकल दिगंबर जैन समाज के अध्यक्ष प्रकाश बज, संरक्षक अध्यक्ष विमल नांता, कार्याध्यक्ष जे.के. जैन, सुरेश चंदवाड़, सुरेश हरसोरा, मंदिर अध्यक्ष अशोक पहाड़िया, भागचंद टोंग्या, गुरू आस्था परिवार के अध्यक्ष लोकेश जैन, चेयरमैन यतीश खेडा, नरेश वेद, निशा वेद सहित अनेक समाजसेवी एवं तलवंडी युवा शक्ति के सदस्य उपस्थित रहे। समिति प्रवक्ता राजकुमार लुहारिया ने बताया कि सायंकालीन आनंद यात्रा, संगीतमय पूजन एवं संघ वैय्यावर्ती का आयोजन भी आचार्यश्री के सानिध्य में संपन्न हुआ।
आचार्य प्रज्ञा सागर जी के इस मंगल प्रवेश ने तलवंडी क्षेत्र में न केवल आध्यात्मिक चेतना का संचार किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति एक गहरा सामाजिक संदेश भी दिया — कि यदि हम प्रकृति को संजोएंगे, तभी जीवन की सांसें भी सुरक्षित रहेंगी।

Pratahkal Bureau
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