हरिपुर। राजस्थान के हरिपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव की वर्षों पुरानी मांग अब एक व्यापक जनआंदोलन की शक्ल अख्तियार कर चुकी है। क्षेत्र के ग्रामीणों ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए केंद्र सरकार तक अपनी पीड़ा पहुंचाने के लिए एक अनूठा पोस्टकार्ड अभियान शुरू किया है। स्थानीय गणेश मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के पश्चात इस अभियान का शंखनाद किया गया, जिसमें क्षेत्र के हजारों नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर इस मुहिम को शक्ति प्रदान की।

इस जन-अभियान के अंतर्गत हजारों की संख्या में पोस्टकार्ड सीधे रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को प्रेषित किए जा रहे हैं। इन पत्रों के माध्यम से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि हरिपुर स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों का स्टॉपेज न होने से संपूर्ण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था और आवागमन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने रेल मंत्री को अवगत कराया है कि ठहराव के अभाव में यात्रियों को लंबी दूरी तय कर अन्य स्टेशनों तक जाना पड़ता है, जिससे न केवल समय की भारी क्षति होती है बल्कि आर्थिक बोझ भी बढ़ता है।

भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस स्टेशन के समीप रायपुर, बर, कुशलपुरा, पिपलिया कला, रामपुर कला और झूठा जैसे दर्जनों गांव स्थित हैं। इन क्षेत्रों से बड़ी तादाद में युवा और श्रमिक वर्ग आजीविका के लिए बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे तथा महाराष्ट्र के विभिन्न औद्योगिक शहरों में प्रवास करते हैं। इसके बावजूद इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव न होना क्षेत्रीय विकास के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। पोस्टकार्ड में विशेष रूप से रेखांकित किया गया है कि सुविधाओं के इस अभाव का सर्वाधिक दंश विद्यार्थियों, गंभीर मरीजों और बुजुर्गों को झेलना पड़ रहा है, जिनके लिए लंबी दूरी का सड़क सफर अत्यंत कष्टदायक सिद्ध होता है।

इस आंदोलन की धमक अब दक्षिण भारत तक पहुंच गई है। बेंगलुरु, हैदराबाद और पुणे जैसे शहरों में रह रहे प्रवासी राजस्थानी भी इस मुहिम से जुड़ गए हैं और वहां से भी सैकड़ों पोस्टकार्ड रेल मंत्रालय को भेजे जा रहे हैं। अभियान के दौरान मदन लाल कुमावत, मांगी लाल माली, महेंद्र सांखला, रमेश सैनी, प्रहलाद सिंह कालब, बद्रीलाल पालड़िया, गिरधारी लाल देवासी, माणक चन्द लोहार, हरीश माली, नेमीचंद डाबी, भगवान सिंह गोइंदा, सूर्यप्रकाश शर्मा, राकेश वैष्णव, महेंद्र बंजारा, अनिल शर्मा, गजेन्द्र सिंह सांखला, दिनेश देवासी, प्रवीण प्रजापत, लक्ष्मण परिहार, विजय सिंह चौहान, मोहन शर्मा, वेणुगोपाल शर्मा, गिरवर सिंह, कैलाश माली और पदम पुरी गोस्वामी सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी दी है कि यदि रेल मंत्रालय ने शीघ्र ही सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो इस शांतिपूर्ण अभियान को उग्र आंदोलन और धरने में तब्दील कर दिया जाएगा, जिसकी समस्त नैतिक जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

Jagdish Mali, Raipur

Jagdish Mali, Raipur

नाम: जगदीश माली

वर्तमान पद: संवाददाता (रायपुर मारवाड़)

कार्यक्षेत्र: जिला पाली और जिला ब्यावर (विशेष रूप से रायपुर तहसील, जैतारण तहसील एवं इनके अंतर्गत आने वाले क्षेत्र)

बीट: स्थानीय समाचार, राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य, और बिज़नेस

परिचय 

जगदीश माली राजस्थान के पाली और ब्यावर जिलों के क्षेत्रीय संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से रायपुर मारवाड़, रायपुर तहसील और जैतारण तहसील सहित इसके अंतर्गत आने वाले सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों की खबरों को कवर करते हैं। जगदीश माली स्थानीय प्रशासन, पुलिस थाना, अस्पताल, राजनीति, शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापार से जुड़ी सभी प्रकार की महत्वपूर्ण खबरों की ग्राउंड रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

जगदीश माली को क्षेत्रीय धरातल पर समाचार संकलन और मीडिया रिपोर्टिंग का 5 साल का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने स्थानीय जनसमस्याओं, प्रशासनिक बैठकों और विकास कार्यों को निरंतर रिपोर्ट किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने अपनी माध्यमिक शिक्षा (12वीं पास) पूरी की है।

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