जयपुर, 30 अक्टूबर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर राज्य सरकार ने भवनों और सड़कों के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक व्यापक कदम उठाया है। निर्माण कार्यों की मजबूती, पारदर्शिता और मानक गुणवत्ता की जांच के उद्देश्य से पूरे राजस्थान में “सघन निरीक्षण अभियान” चलाया जाएगा, जो 1 नवंबर से 30 नवंबर तक चलेगा। इस संबंध में मुख्य सचिव श्री सुधांश पंत ने आदेश जारी किए हैं।

सरकारी आदेशों के अनुसार, प्रदेश में सड़कों और भवनों के निर्माण एवं मरम्मत कार्य विभिन्न विभागों के माध्यम से संचालित किए जाते हैं। समय-समय पर इन कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं और शिकायतें भी प्राप्त होती रही हैं। इन शिकायतों पर प्रभावी नियंत्रण और कार्यों की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब राज्य स्तर पर निरीक्षण समितियों का गठन किया गया है।

मुख्य सचिव श्री पंत ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, स्वायत्त शासन विभाग तथा समग्र शिक्षा अभियान के भवन निर्माण कार्यों के लिए अलग-अलग निरीक्षण समितियाँ गठित की गई हैं। इन समितियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रदेश में निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता उच्च स्तर पर बनी रहे और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

निर्देशों के अनुसार, सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यों के लिए अधीक्षण अभियंता और अधिशासी अभियंता स्तर के अधिकारियों की एक समिति बनाई गई है। समिति का औपचारिक गठन संबंधित अतिरिक्त मुख्य अभियंता द्वारा किया जाएगा। इसी प्रकार नगरीय विकास एवं आवास तथा स्वायत्त शासन विभाग के कार्यों के लिए अधीक्षण अभियंता (संबंधित वृत), अधिशासी अभियंता (गुण नियंत्रण खंड) और अधिशासी अभियंता (नगरीय विकास या आवास विभाग) की संयुक्त समिति बनाई गई है, जिसका गठन संबंधित जिला कलेक्टर करेंगे।

समग्र शिक्षा अभियान के तहत भवन निर्माण कार्यों की जांच के लिए भी अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता (गुण नियंत्रण खंड) और समग्र शिक्षा अभियान के अधिशासी अभियंता की संयुक्त समिति गठित की गई है। इन समितियों को भी जिला कलेक्टर के स्तर पर औपचारिक स्वीकृति दी जाएगी।

अभियान के दौरान निरीक्षण समितियाँ निर्माण स्थलों का दौरा करेंगी, गुणवत्ता से संबंधित रिपोर्ट तैयार करेंगी और निरीक्षण के उपरांत अपनी रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंपेंगी। कलेक्टर इन रिपोर्टों पर अपनी अभिशंसा जोड़कर उन्हें संबंधित विभाग के प्रभारी सचिव को भेजेंगे ताकि आवश्यक सुधारात्मक कदम तुरंत उठाए जा सकें।

सरकार का यह कदम राज्य में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा प्रशासनिक सुधार माना जा रहा है। इससे न केवल विकास परियोजनाओं की गति और विश्वसनीयता में सुधार होगा, बल्कि भविष्य में भ्रष्टाचार और लापरवाही के मामलों पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

Next Story