गोगुंदा। मेवाड़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा के प्रतीक गणगौर महोत्सव का प्रथम दिन क्षेत्र में अभूतपूर्व उत्साह और हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। उत्सव के शुभारंभ पर स्थानीय चारभुजा जी मंदिर से गणगौर माता की सवारी अत्यंत भव्य रूप में रवाना हुई। लाल रंग की आकर्षक पोशाक में सुसज्जित माता की प्रतिमा की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। गाजे-बाजे और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के साथ यह शाही सवारी मंदिर से प्रारंभ होकर कस्बे के मुख्य बस स्टैंड तक पहुंची, जिससे संपूर्ण मार्ग भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आया। सवारी की शोभा बढ़ाने के लिए इसमें घोड़े सहित अन्य पारंपरिक सवारियां भी शामिल की गईं, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं।

सवारी के गंतव्य तक पहुंचने के साथ ही आधिकारिक रूप से गणगौर मेले का आगाज हुआ। उद्घाटन के इस अवसर पर विभिन्न गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। मेले में मेलार्थियों की भारी भीड़ के चलते पैर रखने तक की जगह नहीं बची। मनोरंजन के लिए लगाए गए झूले, चकरी और डोलर पर बच्चों और युवाओं का उत्साह चरम पर था। खान-पान के क्षेत्र में आलू टिकिया और जलेबी के स्टॉल्स पर लोगों की सर्वाधिक रुचि देखी गई, जहां मेलार्थियों ने इन व्यंजनों का जमकर लुत्फ उठाया।

इस वर्ष के मेले की सबसे विशिष्ट उपलब्धि स्थानीय हस्तशिल्प और पारंपरिक कला का प्रदर्शन रही। मेले में गढ़िया लोहार समाज द्वारा हस्तनिर्मित पारंपरिक औजारों की दुकानों ने सबका ध्यान अपनी ओर खींचा। इन स्टॉल्स पर उपलब्ध चिमटा, दरांती, कुंट, बड़ी करछी, कुल्हाड़ी और केरी काटने के विशेष उपकरणों जैसी उपयोगी सामग्रियों की जमकर खरीदारी हुई। स्थानीय प्रबुद्ध जनों ने इन हस्तनिर्मित उत्पादों को संरक्षण देने की पुरजोर आवश्यकता जताई, ताकि इन कुशल कारीगरों को समुचित प्रोत्साहन मिल सके और उनकी प्राचीन कला को एक नई वैश्विक पहचान प्राप्त हो। महोत्सव के पहले दिन लोगों ने सपरिवार मेले का आनंद लेते हुए पारंपरिक वस्तुओं की खरीदारी की, जिससे यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से भी क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुआ।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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