छोटीसादड़ी। जिले के बारवरदा क्षेत्र में स्थित सीता माता वन्यजीव अभयारण्य में वन संरक्षण को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल हुई। जाखम रेंज में शुक्रवार को पारिस्थितिकीय विकास समिति, भूमणिया की विशेष बैठक आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य वनों और वन्यजीवों के संरक्षण के लिए सामूहिक रणनीतियों पर चर्चा करना था। यह बैठक उप वन संरक्षक (वन्यजीव) चित्तौड़गढ़, श्रीमती मृदुला सिंह के निर्देशानुसार संपन्न हुई।

मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) उदयपुर, सुनील कुमार सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए वन और वन्यजीवों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया। उन्होंने विशेष रूप से स्थानीय समुदाय की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा में समुदाय का सहयोग अनिवार्य है।

क्षेत्रीय वन अधिकारी सोमेश्वर त्रिवेदी ने अभयारण्य में पाई जाने वाली दुर्लभ और विशिष्ट वनस्पतियों तथा वन्यजीवों की जानकारी साझा की और उनके संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। वनपाल इस्माइल मोहम्मद ने विभागीय योजनाओं और नीतियों की जानकारी प्रस्तुत करते हुए सभी सदस्यों से वन सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण में सहयोग की अपेक्षा जताई।

समिति अध्यक्ष नंदराम ने सदस्यों को हरी लकड़ी की कटाई से परहेज करने और विभागीय स्टाफ के साथ हरसंभव सहयोग करने का संकल्प दिलाया। बैठक में कार्यकारिणी सदस्य रामलाल, भवरलाल, केशुलाल, रायालाल, वनरक्षक शिवसुंदर सिंह, रमणलाल और सहायक वनपाल सहित अन्य सदस्य भी उपस्थित थे, जिन्होंने संरक्षण से जुड़े अपने सुझाव साझा किए।

बैठक के समापन पर सभी सदस्यों ने क्षेत्र में वन संरक्षण को एक जनआंदोलन के रूप में विकसित करने और वनों एवं वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास जारी रखने का दृढ़ संकल्प दोहराया। यह पहल न केवल वन्यजीव अभयारण्य की जैव विविधता की सुरक्षा में अहम साबित होगी, बल्कि स्थानीय समुदाय को संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी का अवसर भी प्रदान करेगी।

Pratahkal Bureau

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