पाली ज़िले के बर थाना क्षेत्र में घटित फतेहखेड़ा डकैती प्रकरण में पुलिस ने मात्र 18 घंटे में सनसनीखेज खुलासा कर अपराधियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। इस तेज़तर्रार कार्रवाई ने न केवल पुलिस की तत्परता को साबित किया, बल्कि अपराधियों के लिए भी एक सख्त संदेश दिया कि कानून के शिकंजे से बच पाना आसान नहीं।

घटना 10 नवम्बर 2025 की शाम की है। फतेहखेड़ा निवासी गोरीदेवी पत्नी गणपत सिंह अपने घर पर पुत्रवधु उषा देवी और पौत्र रामदेवसिंह के साथ पशुओं की देखभाल कर रही थीं। तभी छह नकाबपोश हथियारबंद बदमाश दीवार फांदकर घर में घुस आए। उनके हाथों में कूट, चाकू और लाठियां थीं। आरोपियों ने गोरीदेवी को धमकाते हुए कहा, “तुम्हारी पेंशन आई है, रुपये निकालो।” जब उन्होंने इनकार किया तो बदमाशों ने मारपीट करते हुए चांदी के आभूषण और मोबाइल फोन लूट लिए। जाते-जाते उन्होंने धमकी दी कि “अगर पुलिस में नाम बताया तो जान से मार देंगे।”

पीड़िता की चीखें सुनकर जब पड़ोसी भगवानसिंह मौके पर पहुंचे, तो बदमाश उन्हें धक्का देकर फरार हो गए। घटना की कुछ झलकियां पास के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गईं, जो बाद में जांच में निर्णायक साबित हुईं।

रिपोर्ट दर्ज होते ही पुलिस अधीक्षक रतन सिंह (IPS) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेन्द्र शर्मा और वृताधिकारी जैतारण सत्येन्द्र नेगी के पर्यवेक्षण में थानाधिकारी बर राजदीपेन्द्र सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालीं, मुखबिर नेटवर्क को सक्रिय किया और संदिग्धों की गतिविधियों पर गहन निगरानी रखी। जांच में सामने आया कि वारदात की रैकी पहले से की गई थी और इसमें स्थानीय व्यक्ति की संलिप्तता भी थी।

तेज़तर्रार कार्रवाई के तहत 10 अलग-अलग पुलिस टीमों ने संयुक्त रूप से सघन अभियान चलाया और मात्र 3 घंटे में छह आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों में श्याम सिंह पुत्र मान सिंह (27), कालू सिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह (21), लोकेश सिंह पुत्र मदन सिंह (21), प्रताप सिंह पुत्र लक्ष्मण सिंह (32), अजयपाल सिंह पुत्र भंवर सिंह (24) और सानू सिंह पुत्र पूरण सिंह (27) शामिल हैं — सभी पाली जिले के विभिन्न गांवों के निवासी हैं।

एसपी रतन सिंह ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए थाना अधिकारी राजदीपेन्द्र सिंह और उनकी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि “ब्यावर पुलिस हर अपराधी तक पहुंचने में सक्षम है, किसी भी आपराधिक गतिविधि को बख्शा नहीं जाएगा।” पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर लूटे गए सामान और वारदात में प्रयुक्त हथियारों की बरामदगी में जुटी है।

बर थाना पुलिस की यह उपलब्धि न केवल कानून-व्यवस्था की मजबूती का उदाहरण है, बल्कि यह भी साबित करती है कि त्वरित कार्रवाई और तकनीकी साक्ष्यों के मेल से अपराधियों के लिए बच निकलना असंभव है।

Pratahkal Bureau

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