नोहर – नोहर क्षेत्र के किसानों ने अमरसिंह ब्रांच में अचानक नहर बंद होने के कारण गहरी नाराजगी व्यक्त की है। किसान बताते हैं कि 25 अक्टूबर को अमरसिंह ब्रांच में नियमित रेगुलेशन के तहत पानी आया था। इसके बाद एक सप्ताह दीपलाना वितरीका में पानी छोड़ा गया, और 2 नवंबर को नेठराना वितरीका में पानी दिया गया। हालांकि, 3 नवंबर की दोपहर तक नेठराना वितरीका के टेल तक थोड़ी ही आपूर्ति पहुंची थी और भूकरका टेल व नोहर टेल तक आज तक पानी नहीं गया है।

किसानों का कहना है कि नेठराना वितरीका में केवल कागजी तौर पर रेगुलेशन चल रहा है, जबकि नहर में पानी नहीं पहुँच रहा। बिना किसी पूर्व सूचना के बीच रेगुलेशन बंद करना किसानों के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने फोन भी नहीं उठाए, जिससे किसानों को पानी की स्थिति जानने में कठिनाई हो रही है।

स्थानीय किसान रबी की फसल के लिए जमीनें तैयार कर चुके हैं। इस समय सरसों, चना और गेहूं जैसी फसलों की बिजाई चल रही है। सामान्यतः चलते रेगुलेशन के दौरान नहर बंदी नहीं होती, यह प्रक्रिया केवल अप्रैल-मई में की जाती है। इस वर्ष अचानक और बिना सूचना के नहर बंद करने की घटना किसानों के लिए घोर अन्याय की स्थिति पैदा कर रही है।

किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि तुरंत प्रभाव से नहर बंदी समाप्त कर नेठराना वितरीका में पूरा पानी एक सप्ताह में नहीं दिया गया, तो वे मजबूरन आंदोलन करने को विवश होंगे। यह मामला सिंचाई प्रणाली की पारदर्शिता और समय पर फसल जलापूर्ति की आवश्यकता पर भी सवाल उठाता है।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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