नेत्रदान बना अंतिम सेवा–उपहार : 85 वर्षीय केवल चंद जैन ने समाज को दी अमर प्रेरणा
बारां में वरिष्ठ व्यापारी और समाजसेवी 85 वर्षीय केवल चंद जैन ने निधन के बाद नेत्रदान कर मानवता की मिसाल पेश की। परिवार ने कठिन समय में भी नेत्रदान का संकल्प लिया, जिसे शाइन इंडिया फाउंडेशन की टीम ने सफलतापूर्वक पूरा किया। यह प्रेरक घटना बारां में बढ़ती नेत्रदान परंपरा और सामाजिक जागरूकता का मजबूत प्रतीक बनी।

बारां। जीवन भर सरलता, सेवा और संस्कारों की मिसाल रहे जैन श्वेतांबर स्थानकवासी समाज के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ व्यापारी केवल चंद जैन ने विदाई के क्षणों में भी समाज को मानवता का उजला संदेश दिया। 85 वर्ष की आयु में उनके देवलोकगमन के बाद परिवार ने उनके नेत्रदान का संकल्प लेकर अंतिम समय को भी सेवा और संवेदना से भरा एक प्रेरक अवसर बना दिया।
शहर की जैन कॉलोनी में स्थित निवास पर शोक में डूबे परिजनों—सुरेश कुमार, नरेश कुमार, कमल, दिलीप, अनिल, सुनील और पुत्री मधु—ने इस कठिन घड़ी में भी दिवंगत पिता की इच्छाशक्ति को आगे बढ़ाते हुए नेत्रदान के लिए सहमति दी। सूचना मिलते ही शाइन इंडिया फाउंडेशन के संयोजक हितेश खंडेलवाल सक्रिय हुए और तुरंत कोटा से संस्था के डॉ. कुलवंत गौड़ को बुलाया गया, जिन्होंने बारां पहुँचकर नेत्रदान प्रक्रिया को विधिवत एवं सफलतापूर्वक पूर्ण कराया।
भारत विकास परिषद, बारां के अध्यक्ष नरेश खंडेलवाल ने बताया कि समाज में चल रहे निरंतर जागरूकता अभियानों का ही परिणाम है कि बारां में नेत्रदान अब एक सशक्त सामाजिक परंपरा के रूप में उभर चुका है। उन्होंने कहा कि यह केवल दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि परिवार के मानवीय मूल्यों व सामाजिक उत्तरदायित्व का भी उल्लेखनीय उदाहरण है।
नेत्रदान के दौरान परिषद के पराग टोंग्या, विनोद जैन सहित परिवार के स्वप्निल, शालीन, संस्कार, संयम, सिद्धार्थ, सोहन, हिना, सलोनी, निराली, गजल, ऋषिका और कनन उपस्थित रहे। भावुक माहौल के बीच बच्चों ने कहा कि दादाजी द्वारा लिया गया यह अंतिम निर्णय उनके लिए आजीवन प्रेरणा रहेगा और वे भी समाजसेवा के पथ पर आगे बढ़ने का संकल्प लेते हैं।
केवल चंद जैन का यह पुनीत कार्य स्मरण कराता है कि मनुष्य अपने कर्मों से अमर होता है। उनके नेत्रदान से दो व्यक्तियों की दुनिया रोशन होगी और समाज में चेतना की वह लौ प्रज्वलित होगी, जो आने वाली पीढ़ियों को मानवता के पथ पर अग्रसर करती रहेगी।
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Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
