भुसावर में आबकारी विभाग की अनदेखी: ग्रामीण अंचल में अवैध शराब की दुकानों का खुला संचालन
भुसावर में आबकारी विभाग की अनदेखी और कथित मिलीभगत के कारण ग्रामीण अंचल में अवैध शराब की दुकानों का संचालन खुला आम हो रहा है। विद्यालय, मंदिर और पेट्रोल पंप के पास भी शराब की बिक्री जारी है, जिससे सामाजिक, कानूनी और सुरक्षा संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।

भुसावर क्षेत्र में आबकारी विभाग की अनदेखी और कथित मिलीभगत के कारण ग्रामीण अंचल में अवैध रूप से शराब की दुकानों का संचालन खुलेआम हो रहा है। जानकारी के अनुसार, भुसावर, भरतपुर और बयाना सर्किल के अधिकारी नियमों की अनदेखी करते हुए दो दर्जन से अधिक शराब की दुकानों को बिना मान्यता और नियामक अनुमोदन के संचालित कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि इन दुकानों पर देर रात तक ओवर रेट में शराब की बिक्री होती है और इस अवैध कारोबार से सामाजिक वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ग्रामीण अंचल में कई स्थानों पर स्कूल, मंदिर और पेट्रोल पंप के पास भी शराब की दुकानों का संचालन हो रहा है। उदाहरण के तौर पर, गांव बल्लभगढ़ में विद्यालय, पेट्रोल पंप और मंदिर के समीप, और टुंडूपुरा में रंगली भगत आश्रम के पास प्रेम नगर मार्ग पर अवैध मदिरा की दुकानें संचालित हैं। आश्रम पर पूर्णिमा के दिन हजारों भक्त आते हैं, जबकि NH-21 जयपुर-भरतपुर मार्ग पर स्थित खेड़ली मोड़ से ग्राम पंचायत सलेमपुर खुर्द की ओर जाने वाले रास्ते में भी मंदिर से मात्र सौ मीटर की दूरी पर शराब की दुकान खुली हुई है।
स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार जिला प्रशासन और आबकारी विभाग से इन दुकानों को बंद कराने की मांग की है, लेकिन प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इस प्रकार, अधिकारियों की कथित मिलीभगत और अनदेखी के कारण न केवल नियमों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि सामाजिक और घरेलू हिंसा की घटनाओं में भी वृद्धि हुई है। नशे की हालत में लोग स्कूल या मंदिर के आसपास संघर्ष, दुर्व्यवहार और चोरी जैसी अपराधिक गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
राजस्थान आबकारी अधिनियम के तहत विद्यालय, मंदिर और पेट्रोल पंप के पास शराब की दुकानों का संचालन अवैध है, फिर भी अधिकारियों की कथित लापरवाही और प्रलोभन के चलते यह नियम खुलेआम उल्लंघन हो रहा है। इस पर जिला आबकारी अधिकारी राजीव शर्मा का कहना है कि "स्टाफ को बोलकर दिखवाता हूँ," जो मौजूदा हालात की गंभीरता को दर्शाता है।
इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबकारी विभाग की नियामक भूमिका और प्रशासनिक निगरानी में कमी के कारण सामाजिक और कानूनी चुनौतियाँ उत्पन्न हो रही हैं। अवैध शराब की दुकानों से उत्पन्न होने वाले जोखिम, नशाखोरी और अपराधिक गतिविधियाँ स्थानीय जनजीवन और सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
