अभियांत्रिकी महाविद्यालय बारां में डॉ. पांमपी पाल की ओडिसी नृत्य प्रस्तुति ने मंत्रमुग्ध किया
अभियांत्रिकी महाविद्यालय बारां में अंतरराष्ट्रीय ओडिसी नृत्यांगना डॉ. पांमपी पाल ने गुरू केलूचरण महापात्रा के मंगलाचरण सहित शास्त्रीय प्रस्तुति दी, जिसमें छात्रों को ओडिसी मुद्राओं और तकनीकों का अभ्यास कराया गया। कार्यक्रम ने नृत्य कला की समृद्ध विरासत को जीवंत किया।

बारां। अभियांत्रिकी महाविद्यालय बारां में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम ने छात्रों और शिक्षकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जब अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ओडिसी नृत्यांगना डॉ. पांमपी पाल ने अपनी उत्कृष्ट नृत्य कला का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरू केलूचरण महापात्रा द्वारा रचित माणिक्य वीणा के मंगलाचरण से हुई, जिसमें शास्त्रीय ओडिसी नृत्य की पारंपरिक मुद्राओं और भावाभिव्यक्तियों का अनूठा संयोजन देखने को मिला।
महाविद्यालय के प्राचार्य डा. बीएल गुप्ता ने बताया कि डॉ. पाल विशेष रूप से पश्चिमी बंगाल के जलपाइगुडी और कोलकाता से इस प्रस्तुति के लिए यहां आई थीं। कार्यक्रम में सरस्वती देवी के विभिन्न स्वरूपों को ओडिसी नृत्य के माध्यम से भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया। छात्रों को पताका, अर्ध पताका जैसी मुद्राओं के अभ्यास के साथ-साथ अभंग, त्रिभंग और चौक जैसी शास्त्रीय तकनीकों की जानकारी भी दी गई।
मंच पर डॉ. पाल ने शुद्ध ओडिसी नृत्य के प्रमुख क्रम प्रस्तुत किए, जिनमें मंगलाचरण, सरस्वती वंदना, कस्तूरी तीलकम कृष्ण वंदना और भगवती स्तुति शामिल थे। स्पीक मैके के जिला संयोजक कुवलंत बैरागी ने बताया कि डॉ. पांमपी पाल ने अपनी नृत्य शिक्षा प्रसिद्ध गुरू पोशाली मुखर्जी से प्राप्त की है।
इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं सहित संपूर्ण स्टाफ ने भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित रहे: राहुल सेन, रूपल हाडा, रितू नागर, गिरिजाशंकर नंदवाना, धीरज शर्मा, शैलेंद्र गोस्वामी, हेमराज मीणा, चंदन पटेल, जितेंद्र शर्मा, राजवीर सैनी, भुवनेश नागर, शांति लाल, जयंक राय, केशव गालव, पूजा सोनी, अफसर शेख, रवि कुमार, अखिलेश कुमार, अरविंद शर्मा, गोविंद शर्मा, अनिता शर्मा, लक्ष्मी नायक, धनराज सुमन, नरेंद्र मीणा, रितेश बाथरा, ऋषि पांचाल, राम शर्मा।
इस सांस्कृतिक आयोजन ने न केवल छात्रों को शास्त्रीय नृत्य की गहन समझ दी, बल्कि ओडिसी नृत्य की समृद्ध विरासत और उसकी भावनात्मक गहराई को भी जीवंत रूप में पेश किया। महाविद्यालय में इस तरह की प्रस्तुतियों से कला और संस्कृति के प्रति छात्रों में रुचि और संवेदनशीलता बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
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Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
