रेवदर। आस्था और अध्यात्म से ओतप्रोत वातावरण में आज रेवदर के मनोरमा गोलोक अभिनव ब्रजमंडल अर्बुदरण्य में गोपाष्टमी के पावन अवसर पर भगवान श्री गोवर्धननाथजी मंदिर एवं गो-गोपाल कॉरिडोर का ऐतिहासिक शिलान्यास समारोह संपन्न हुआ। यह भव्य आयोजन श्रद्धेय गोऋषि स्वामी दत्तशरणानंदजी महाराजश्री की पावन उपस्थिति में आयोजित किया गया, जिसमें देशभर से आए संत-महात्मा, गोभक्त और जनप्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

इस समारोह का शुभारंभ सिक्किम के महामहिम राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर के करकमलों से हुआ। उनके साथ मंच पर परमहंस स्वामी श्री प्रज्ञानानंदजी महाराज (हरिहरानंद गुरुकुलम्, जगन्नाथ पुरी), जालोर-सिरोही सांसद लुंबाराम चौधरी, पिंडवाड़ा विधायक समाराम गरासिया, आहोर विधायक छगन सिंह राजपुरोहित, पूर्व सांसद पुष्प जैन एवं पूर्व विधायक धर्म नारायण जोशी उपस्थित रहे। पंडित गंगाधर पाठक और ललित किशोर द्विवेदी ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शिलान्यास विधिवत संपन्न कराया।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान और एडीएम राजेश कुमार गोयल ने राज्यपाल की अगवानी की। समूचा परिसर मंत्रोच्चार, गोसेवा और भक्ति से गुंजायमान हो उठा।

शिलान्यास के बाद आयोजित सुरभि सत्संग पंडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर ने कहा कि “पथमेड़ा का छोटा सा प्रयास आज विश्वव्यापी गोसेवा महाअभियान बन चुका है। यह भारत की संस्कृति और सनातन परंपरा की आत्मा का प्रतीक है। गोसेवा केवल धार्मिक आस्था नहीं, बल्कि मानवता की सर्वोच्च साधना है।” उन्होंने बताया कि उन्हें देसी गाय का महत्व महाराजश्री की प्रेरणा से ज्ञात हुआ और गवर्नर बनने के बाद उन्होंने सिक्किम राजभवन में पहली बार देसी गाय लाकर गोसेवा की शुरुआत की। उन्होंने यह भी कहा कि “पथमेड़ा के गौभक्तों और गोपालकों के लिए सिक्किम राजभवन के द्वार सदैव खुले रहेंगे।”

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कार्यकारी अध्यक्ष रघुनाथ सिंह राजपुरोहित ने कहा कि रासायनिक खादों और कीटनाशकों के कारण आज खाद्यान्न विषैले हो रहे हैं, जिससे मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। गोवंश संरक्षण ही इसका समाधान है, क्योंकि गो आधारित कृषि न केवल प्राकृतिक है बल्कि मानवता के अस्तित्व से भी जुड़ी है।

समारोह में केंद्रीय महामंत्री अर्जुन सिंह राजपुरोहित तिंवरी ने देशभर से आए अतिथियों एवं गोभक्तों का आभार व्यक्त किया, जबकि मंच संचालन केंद्रीय समन्वयक विट्ठलकृष्ण के मार्गदर्शन में सीईओ आलोक सिंहल ने किया।

राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर ने आयोजन के बाद गोऋषि स्वामी दत्तशरणानंदजी महाराजश्री के दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने देशभर में गोवंश की वर्तमान स्थिति पर विस्तृत चर्चा करते हुए कहा कि “गौसेवा और संरक्षण हमारी संस्कृति की आत्मा है और यही भारत की पहचान को सशक्त बनाता है।”

कार्यक्रम के दौरान सांसद लुंबाराम चौधरी ने गोसेवा के लिए 11 लाख रुपए की घोषणा की। वैदिक मंत्रोच्चार, गोपूजन और भव्य व्यवस्थाओं ने आयोजन को एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव में बदल दिया। यह कार्यक्रम न केवल श्रद्धा और आस्था का प्रतीक बना बल्कि भारतीय संस्कृति, गौसंवर्धन और अध्यात्म के पुनरुत्थान का प्रेरक केंद्र भी सिद्ध हुआ।

Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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