टोंक, 31 अक्टूबर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के प्रशिक्षण का निरीक्षण शुक्रवार को जिला निर्वाचन अधिकारी और कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने निवाई पंचायत समिति सभागार में किया। निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने बीएलओ से इंटरएक्टिव संवाद कर उन्हें एसआईआर प्रक्रिया के महत्व और फील्ड में संभावित चुनौतियों के समाधान के लिए प्रशिक्षित किया।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया में बीएलओ सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनके सही और समय पर कार्यान्वयन से ही मतदाता सूची की सटीकता सुनिश्चित हो सकती है। उन्होंने निर्देश दिए कि बीएलओ अपना पहचान पत्र हमेशा पहन कर रखें और सभी कार्यों का समय पर अभिलेखन करें। साथ ही, बूथ लेवल एजेंट के साथ समन्वय बनाते हुए कार्य करना अनिवार्य है।

कल्पना अग्रवाल ने बताया कि अब तक जिले की 70% मतदाता सूचियों की मैपिंग पूरी हो चुकी है और इसे और बढ़ाना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि सटीक पारिवारिक संबंधों के माध्यम से वंशावली मानचित्रण (मैपिंग) की जाए ताकि मतदाताओं से अतिरिक्त दस्तावेज लेने की आवश्यकता न पड़े। इसके साथ ही उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए ऑनलाइन आवेदन हेतु जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी बीएलओ से आग्रह किया कि वे मैपिंग को अधिकतम करने के प्रयास करें ताकि ज्यादातर मतदाताओं को सुविधा मिल सके और निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी तथा सुगम बनी रहे। इस प्रशिक्षण और निरीक्षण के माध्यम से प्रशासन ने एसआईआर प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाया है, जिससे आगामी चुनाव में मतदाता सूची की शुद्धता और भरोसेमंदता सुनिश्चित होगी।

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