करौली। राजस्थान के करौली जिले में चिकित्सकों और सीएमएचओ कार्यालय के बीच सर्विस बुकों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। Doctors Welfare Federation (India) ने जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) करौली को पत्र लिखकर यह गंभीर आरोप लगाया है कि जिले के चिकित्सकों की सर्विस बुकें नियमों के विरुद्ध सीएमएचओ कार्यालय में रोककर रखी जा रही हैं, जबकि राज्य सरकार के RSR सेवा नियमों के अनुसार यह सर्विस बुकें संबंधित DDO (ड्रॉइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर) के पास ही रखी जानी चाहिए।

फेडरेशन का कहना है कि इस विषय में पहले भी सीएमएचओ करौली को लिखित अनुरोध भेजा गया था, लेकिन न तो कोई जवाब मिला और न ही आवश्यक कार्रवाई की गई। संगठन का आरोप है कि इस उदासीन रवैये से जिले के सभी चिकित्सक भयभीत और असंतुष्ट हैं।

चिकित्सकों ने अब इस मामले की शिकायत जिला कलेक्टर निलाभ सक्सेना को सौंपी है। शिकायत में उल्लेख किया गया है कि सीएमएचओ कार्यालय में सर्विस बुकों को “जबरन” रोककर रखा गया है और कुछ कर्मचारियों द्वारा इस आधार पर चिकित्सकों से “अवैध वसूली” की जा रही है। यह न केवल सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन है बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

फेडरेशन ने मांग की है कि करौली जिले की सभी सर्विस बुकें तुरंत सीएमएचओ कार्यालय से वापस लेकर संबंधित डीडीओ के पास भेजी जाएं और इस पूरी प्रक्रिया की लिखित पुष्टि (Acknowledgement) चिकित्सकों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, सर्विस बुक के नाम पर हो रही अवैध वसूली और भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

फेडरेशन के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो Doctors Welfare Federation (India) आगे प्रशासनिक या कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होगा। इस प्रकरण ने जिले में चिकित्सा समुदाय के भीतर असंतोष की लहर पैदा कर दी है और अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन के आगामी कदम पर टिकी हैं।

Pratahkal Bureau

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