राजस्थान में मिलावट और भ्रामक प्रचार के खिलाफ चल रहे अभियान के बीच डीडवाना जिले में हाई-कैफीन एनर्जी ड्रिंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। जयपुर में रेड बुल और स्टिंग एनर्जी ड्रिंक की हजारों बोतलें सीज होने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डीडवाना जिले के छोटी खाटू कस्बे स्थित खंडेलवाल एजेंसी पर छापेमारी कर बड़ी मात्रा में कैफिनेटेड बेवरेज पेप्सिको स्टिंग एनर्जी ड्रिंक जब्त की है।

आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण डॉ. टी. शुभमंगला, राजस्थान के निर्देशन में डीडवाना जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा छोटी खाटू स्थित खंडेलवाल एजेंसी के गोदाम पर निरीक्षण और नमूनीकरण की कार्रवाई की गई। डीडवाना के छोटी खाटू में यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारी बाबूलाल और उनकी टीम के सहायक कर्मचारी राजूराम द्वारा की गई। टीम ने एजेंसी में रखे एनर्जी ड्रिंक के बड़े स्टॉक की जांच की और आवश्यक कार्रवाई करते हुए कैफिनेटेड बेवरेज पेप्सिको स्टिंग एनर्जी ड्रिंक की 15 हजार 780 बोतलें और कैन सीज कर दिए। संबंधित उत्पादों के नमूने भी जांच के लिए लिए गए हैं, जिन्हें जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि एफएसएसएआई द्वारा नामी बेवरेज ब्रांडों को इस संबंध में नोटिस जारी कर जवाब भी मांगा गया है।

अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नरेंद्र चौधरी ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारी की टीम ने एफएसएसआई एक्ट के तहत कैफिनेटेड बेवरेज स्टिंग एनर्जी ड्रिंक का नमूना लिया तथा 15 हजार 780 बोतलें और कैन सीज किए हैं। उन्होंने बताया कि फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के अनुसार कैफिनेटेड बेवरेजेस पर "स्टीमूलेट्स माइंड", "एनरर्जाइज बॉडीज", "एनर्जी ड्रिंक", "स्पोर्ट्स ड्रिंक" जैसे शब्दों का लेबल पर उल्लेख करना भ्रामक प्रचार की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि अधिक कैफीन वाले ऐसे पेय गर्भवती महिलाओं, लेक्टेटिंग मदर्स और बच्चों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। अत्यधिक कैफीन वाले पेय पदार्थों का अधिक सेवन, विशेषकर बच्चों और किशोरों में, स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन और नियमित जांच समय की आवश्यकता है।

इससे पहले जयपुर में 'रेड बुल' एनर्जी ड्रिंक की 53 हजार 256 बोतलें तथा 'स्टिंग' एनर्जी ड्रिंक की करीब 7 हजार बोतलें भ्रामक लेबलिंग और दावों की जांच के चलते सीज की गई थीं। अब डीडवाना जिले के छोटी खाटू स्थित खंडेलवाल एजेंसी पर हुई कार्रवाई से स्पष्ट है कि खाद्य सुरक्षा विभाग पूरे प्रदेश में ऐसे उत्पादों पर निगरानी बढ़ा रहा है। वहीं महाराष्ट्र सरकार भी बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के 500 मीटर के दायरे में हाई-कैफीन एनर्जी ड्रिंक की बिक्री पर रोक लगाने का फैसला कर चुकी है। ऐसे में राजस्थान में भी इन उत्पादों की बिक्री, गुणवत्ता और भ्रामक प्रचार को लेकर लगातार सख्ती बढ़ाई जा रही है।

Pratahkal Bureau

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