धौलपुर। ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर स्थानीय राधाविहारी मार्केट के व्यापारियों, आमजन और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं समर्पित कार्यकर्ताओं के सामूहिक सहयोग से एक विशाल जनसेवा कार्यक्रम संपन्न हुआ। 'बंदे गंगाजल जल संरक्षण जन अभियान' के अंतर्गत राधा बिहारी मंदिर के मुख्य मोड़ पर आयोजित इस कार्यक्रम में भीषण गर्मी के बीच राहगीरों को ठंडे व मीठे शरबत का वितरण किया गया, जिसका लाभ उठाते हुए हजारों लोगों ने अपनी प्यास बुझाई और झुलसती धूप में राहत पाई।

कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित प्रबुद्ध समाजसेवी गोपाल सिंह परमार ने धार्मिक और व्यावहारिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ज्येष्ठ मास को सनातन काल से वर्ष का सबसे गर्म और तपता हुआ महीना माना गया है, इसलिए इस कालखंड में शीतल पेय या शरबत का वितरण करना असीम फलदाई और पुण्यदायक होता है। इसी क्रम में भाजपा के पूर्व जिला उपाध्यक्ष कमल पहाड़िया ने जल दान की महिमा को सर्वोपरि बताते हुए पौराणिक संदर्भ साझा किए। उन्होंने कहा कि हमारे धर्मग्रंथों, विशेषकर गरुड़ पुराण और पद्म पुराण में स्पष्ट उल्लेख है कि ज्येष्ठ के महीने में किसी भी प्यासे जीव को पानी या शीतल पेय पिलाना साक्षात अश्वमेध यज्ञ के समान महापुण्य प्रदान करता है। इसी परम महत्व के कारण निर्जला एकादशी व्रत भी इसी मास में आता है, जिसमें जल दान को सर्वोत्तम माना गया है। उन्होंने आगे जोड़ा कि शरबत न केवल तीव्र प्यास को शांत करता है, बल्कि शरीर को तत्काल स्वाद और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है, जिसके कारण इसे सामान्य जल की तुलना में अधिक श्रेष्ठ माना गया है।

अभियान की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए बंदे गंगाजल जल संरक्षण अभियान के जिला संयोजक नंदकिशोर शुक्ला ने गंभीर वैज्ञानिक और सामाजिक पहलू को सामने रखा। उन्होंने कहा कि ज्येष्ठ की इस प्रचंड गर्मी में चलने वाली लू और अत्यधिक डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के कारण देश में हर साल सबसे ज्यादा मौतें दर्ज की जाती हैं। ऐसे में सड़कों पर चलने वाले राहगीरों, हाड़-तोड़ मेहनत करने वाले मजदूरों और साधनहीन गरीबों को ठंडा शरबत उपलब्ध कराना सीधे-सीधे उनके जीवन की रक्षा करने जैसा पुनीत कार्य है। उन्होंने पारंपरिक पेय पदार्थों की महत्ता बताते हुए कहा कि गुड़, सत्तू, बेल और आम पन्ना से निर्मित शरबत मानव शरीर को आंतरिक ठंडक देने के साथ-साथ तुरंत ऊर्जा का संचार करता है।

धार्मिक मान्यताओं और खगोलीय दृष्टिकोण को जोड़ते हुए भरतपुर संभाग के सह मीडिया प्रभारी एवं जिला मीडिया प्रभारी मुकेश सक्सेना ने बताया कि हिंदू सनातन परंपरा में यह दृढ़ मान्यता है कि इस विशेष महीने में जो भी संवेदनशील व्यक्ति जल या शरबत का नि:स्वार्थ दान करता है, उसके पितर पूर्ण रूप से तृप्त हो जाते हैं और उसके गृह-परिवार में कभी भी अन्न-जल का संकट या कमी उत्पन्न नहीं होती। इसके साथ ही, चूंकि ज्येष्ठ का महीना सूर्यदेव का सबसे प्रचंड और शक्तिशाली मास माना जाता है, इसलिए इस समय किया गया जल दान साक्षात सूर्यदेव को भी परम प्रसन्न करता है। कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी कुलदीप भट्ट ने मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए कहा कि ज्येष्ठ मास की इस असहनीय तपन में शरबत का वितरण करना केवल एक धार्मिक पुण्य का कार्य नहीं है, बल्कि यह सबसे कठिन और ज़रूरी समय पर समाज के जरूरतमंद लोगों को पहुँचाई जाने वाली सबसे ज़रूरी और वास्तविक मदद है।

मानवता और जनसेवा को समर्पित इस भव्य आयोजन के सुचारु संचालन और व्यवस्थाओं में पूर्व पंचायत समिति सदस्य दीपू कुशवाहा, भाजपा मंडल प्रभारी प्रदीप सिसोदिया, जिला मंत्री हरेंद्र राव, महिला मोर्चा की जिला संयोजक कल्पना शर्मा, सोशल मीडिया प्रभारी लोकेंद्र चौहान, सह प्रभारी शशि त्यागी, पूजा कुशवाहा, ज्योति शर्मा, नेहा राघव, पूर्व पार्षद रामप्रसाद बघेल, अनमोल बंसल, के के शर्मा, अजय राठौड, तुषार मोदी, जोय सिंह, आशीष सिंह, लाला शर्मा, अजय तिवारी, प्रवीण वर्मा, राहुल यदुवंशी तथा मनीष यादव सहित भारी संख्या में प्रबुद्ध सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने अंत तक अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए इस सेवा यज्ञ को पूर्णता प्रदान की।

Pratahkal Newsroom

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