धौलपुर: महिला प्रताड़ना और पोक्सो के झूठे केस करने वालों पर सख्त कार्रवाई, दर्ज होगा मुकदमा
एसपी विकास सांगवान के निर्देश पर धौलपुर पुलिस अब केवल एफआर नहीं लगाएगी, बल्कि झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ कोर्ट में इस्तगासा पेश करेगी।

धौलपुर में महिला प्रताड़ना और पोक्सो के झूठे मामले दर्ज कराने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई के निर्देश देते पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान।
धौलपुर पुलिस ने महिला प्रताड़ना और पोक्सो के झूठे मुकदमे दर्ज कराने वालों के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर दी है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन में जिले में ऐसे मामलों में केवल एफआर लगाकर फाइल बंद नहीं की जाएगी, बल्कि झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने वालों के खिलाफ भी न्यायालय में परिवाद पेश कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि झूठे मुकदमे दर्ज कराकर पुलिस संसाधनों की बर्बादी करने और निर्दोष व्यक्तियों को फंसाने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि हाल ही में राजस्थान पुलिस महानिदेशक द्वारा भी सभी जिलों को निर्देश जारी किए गए हैं कि द्वेषवश, दबाव बनाने या प्रताड़ित करने की नीयत से झूठी रिपोर्ट देने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
धौलपुर जिले में 01 जनवरी 2026 से 30 अप्रैल 2026 तक महिला अत्याचार के कुल 249 प्रकरण दर्ज हुए, जिनमें से 86 प्रकरण अनुसंधान में झूठे पाए गए। पुलिस के अनुसार अब ऐसे मामलों में केवल एफआर लगाकर मामला बंद नहीं होगा, बल्कि शिकायतकर्ता के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि झूठी एफआईआर और फर्जी आरोपों के कारण निर्दोष व्यक्तियों की सामाजिक प्रतिष्ठा, समय और मानसिक स्थिति प्रभावित होती है, इसलिए ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग ने कहा कि निष्पक्ष अनुसंधान और आधुनिक तकनीक के माध्यम से वास्तविक पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाने की दिशा में काम किया जा रहा है। जांच में यदि मामला झूठा पाया जाता है तो न्यायालय में एफआर पेश करने के साथ संबंधित फरियादी के खिलाफ भी इस्तगासा पेश किया जाएगा।
इस कार्रवाई का एक उदाहरण पुलिस थाना महिला धौलपुर में दर्ज प्रकरण संख्या 03/2025 है। इस मामले में परिवादिया द्वारा लगाए गए आरोपों की पुलिस ने गंभीरता से जांच की। अनुसंधान में सामने आया कि आरोपित पक्ष के व्यक्तियों द्वारा मारपीट, गाली-गलौज अथवा दुष्कर्म जैसी कोई घटना कारित किया जाना प्रमाणित नहीं हुआ। जांच में परिवादिया के आरोप तथ्यों से मेल नहीं खाने के कारण मामला असत्य और झूठा पाया गया।
प्रकरण में पुलिस द्वारा न्यायालय में एफआर पेश की गई, जिसे न्यायालय ने स्वीकार भी कर लिया। इसके साथ ही झूठा मामला दर्ज करवाकर पुलिस और न्यायालय का समय बर्बाद करने पर संबंधित फरियादी के खिलाफ विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई के लिए इस्तगासा भी न्यायालय में पेश किया गया है।
धौलपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की झूठी, भ्रामक अथवा द्वेषपूर्ण शिकायत दर्ज न करवाएं। पुलिस ने कहा कि वह हर वास्तविक पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन झूठे मुकदमे दर्ज कर निर्दोष लोगों को परेशान करने वालों के खिलाफ भी अब सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पुलिस संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। झूठी शिकायतों की जांच में पुलिस का कीमती समय और ऊर्जा बर्बाद होती है, जिससे वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी होती है। उन्होंने कहा कि सख्ती बढ़ने से निर्दोष लोग प्रताड़ना से बचेंगे और पुलिस का ध्यान गंभीर अपराधों के नियंत्रण पर केंद्रित हो सकेगा।

Uttam Dixit, Dholpur
नाम: उत्तम दीक्षित
वर्तमान पद: संभाग प्रमुख (भरतपुर संभाग, राजस्थान)
कार्यक्षेत्र / स्थान: धौलपुर एवं भरतपुर संभाग, राजस्थान
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उत्तम दीक्षित जी को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में 40 वर्षों का दीर्घकालिक एवं व्यापक अनुभव प्राप्त है। अपने लंबे पत्रकारिता करियर के दौरान उन्होंने देश एवं प्रदेश के प्रमुख मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं:
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