बारां, 27 नवंबर। किशनगंज तहसील के लाठखेडा ग्राम के सैकड़ों ग्रामीणों ने बुधवार को जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए ग्राम को पुनः खल्दा पंचायत में शामिल किए जाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मांग शीघ्र नहीं मानी गई, तो वे जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।

ग्रामवासियों ने ज्ञापन में बताया कि लाठखेडा पहले खल्दा पंचायत के अंतर्गत आता था, लेकिन हाल ही में हुए पंचायत पुनर्गठन के दौरान इसे खल्दा से हटाकर लगभग 15 किलोमीटर दूर स्थित सीमलोद पंचायत में जोड़ दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि सीमलोद पंचायत न केवल दूरी में अत्यधिक दूर है, बल्कि वहां मूलभूत सुविधाओं का भी पूर्ण अभाव है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सीमलोद तक पहुंचने वाला मार्ग वन विभाग के अधीन क्षेत्र से होकर गुजरता है, जहां किसी प्रकार का विकास कार्य या हस्तक्षेप संभव नहीं है, जिससे भविष्य में भी सुविधा उपलब्ध होने की संभावना नगण्य है।

ग्रामीणों का दावा है कि इस मुद्दे से पूर्व में भी जिला प्रशासन को अवगत कराया गया था, लेकिन सुनवाई नहीं होने के कारण उन्हें दोबारा एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। प्रदर्शन के दौरान विनोद खटाणा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि लाठखेडा को पुनः खल्दा पंचायत में शामिल नहीं किया गया, तो ग्रामवासी शांतिपूर्ण लेकिन अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।

ज्ञापन देने वालों में गोलू मीणा सरपंच, गुड्डू बंजारा, भारमल बंजारा, हीरालाल बंजारा, भीमराज बंजारा, राम सिंह, रामहेत, मोती बंजारा उपसरपंच, कालू बंजारा, गोपी बंजारा, बलराम सहरिया, बजरंगलाल सहरिया, गोलू, विजय सहित बड़ी संख्या में महिलाएँ और पुरुष शामिल रहे। ग्रामीणों की इस सामूहिक लामबंदी ने मुद्दे को फिर से प्रशासनिक स्तर पर प्रमुखता से खड़ा कर दिया है।

Pratahkal Bureau

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