कोटा, 1 नवंबर।

जिले के दूरस्थ इलाकों में कार्यरत शिक्षकों, एकल महिलाओं और दिव्यांग जनों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में ड्यूटी से छूट की मांग को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों का कहना है कि कोटा शहर में आयोजित परीक्षाओं में भाग लेने के लिए लंबी दूरी तय करना उनके लिए अत्यंत कठिन है, इसलिए उन्हें इन ड्यूटियों से मुक्त किया जाए।

शनिवार को शिक्षा सहकारी के अध्यक्ष प्रकाश जायसवाल एवं राजस्थान शिक्षक संघ (राष्ट्रीय) के पूर्व जिलाध्यक्ष महावीर मीणा के नेतृत्व में शिक्षक प्रतिनिधिमंडल ने जिला शिक्षा अधिकारी रामचरण मीणा को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि इटावा, सांगोद, खैराबाद और सुल्तानपुर जैसे दूरस्थ ब्लॉकों में कार्यरत शिक्षक, साथ ही एकल महिला एवं दिव्यांग कर्मचारी, कोटा शहर में रहने की व्यवस्था नहीं होने के कारण परीक्षा ड्यूटी निभाने में असमर्थ हैं। शिक्षकों ने इन वर्गों को आगामी प्रतियोगी परीक्षाओं की ड्यूटी से मुक्त करने की मांग रखी।

जायसवाल और मीणा ने यह भी बताया कि कई बी.एल.ओ. ड्यूटी वाले शिक्षकों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं में ड्यूटी पर लगाया गया है, जिससे शिक्षकों पर अतिरिक्त भार पड़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ परीक्षा केंद्रों पर शिक्षकों को यह कहकर लौटा दिया गया कि अब अतिरिक्त कर्मियों की आवश्यकता नहीं है, वहीं कुछ को मामूली देरी के कारण अनुपस्थित चिह्नित कर दिया गया।

शिक्षक प्रतिनिधिमंडल की इन शिकायतों पर जिला शिक्षा अधिकारी रामचरण मीणा ने शिक्षकों को आश्वस्त किया कि भविष्य में ऐसी स्थितियों से बचाव के लिए विशेष ध्यान रखा जाएगा और किसी भी शिक्षक के साथ अनुचित व्यवहार नहीं होने दिया जाएगा।

ज्ञापन देने वालों में इटावा, सांगोद, खैराबाद और सुल्तानपुर ब्लॉक के कई शिक्षक शामिल रहे, जिन्होंने अपनी व्यावहारिक कठिनाइयों और संवेदनशील परिस्थितियों को रेखांकित करते हुए प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की।

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Pratahkal Bureau

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