उत्तर रेलवे के दिल्ली मण्डल के अंतर्गत आने वाले दिल्ली-अम्बाला रेलखण्ड पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए आगामी दिन चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। शाहाबाद मारकंडा एवं मोहरी स्टेशनों पर नए इंटरलॉकिंग पैनल की स्थापना और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी कार्यों को निष्पादित करने के लिए रेलवे द्वारा एक बड़ा ब्लॉक लिया जा रहा है। इस अपरिहार्य तकनीकी सुधार के चलते रेल यातायात व्यापक रूप से प्रभावित होगा, जिसके परिणामस्वरूप उत्तर पश्चिम रेलवे की कई महत्वपूर्ण रेलसेवाएं रद्द, मार्ग परिवर्तित और रिशेड्यूल की गई हैं।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी श्री अमित सुदर्शन द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के इस कार्य के कारण अजमेर-चंडीगढ़ मार्ग पर चलने वाली प्रमुख रेलगाड़ियां रद्द रहेंगी। इसमें गाड़ी संख्या 12983 (अजमेर-चंडीगढ़) दिनांक 31 मई और 02 जून 2026 को, जबकि वापसी में गाड़ी संख्या 12984 (चंडीगढ़-अजमेर) दिनांक 01 जून और 03 जून 2026 को निरस्त रहेगी। इसके अतिरिक्त, साप्ताहिक सेवाओं में गाड़ी संख्या 20977 (अजमेर-चंडीगढ़) और गाड़ी संख्या 20978 (चंडीगढ़-अजमेर) भी दिनांक 06 जून 2026 को पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं।

इस ब्लॉक का प्रभाव अन्य लंबी दूरी की ट्रेनों के रूट पर भी देखा जाएगा। अजमेर और जम्मूतवी के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 12413 आगामी 30 मई से 04 जून 2026 तक अपने नियमित मार्ग के स्थान पर दिल्ली-शकूरबस्ती-जाखल-धूरी-लुधियाना होकर संचालित होगी। इसी प्रकार, जम्मूतवी से प्रस्थान करने वाली गाड़ी संख्या 12414 भी इन्हीं तिथियों के दौरान लुधियाना-धूरी-जाखल-शकूरबस्ती-दिल्ली के परिवर्तित मार्ग से चलेगी। मार्ग परिवर्तन के कारण ये दोनों रेलसेवाएं करनाल एवं अम्बाला स्टेशनों पर ठहराव नहीं करेंगी, जिससे इन स्टेशनों के यात्रियों को अन्य विकल्पों की तलाश करनी होगी।

संचालन में आए इस व्यवधान के बीच कुछ ट्रेनों के समय में भी फेरबदल किया गया है। गांधीनगर कैपिटल से दौलतपुर चौक जाने वाली रेलसेवा (गाड़ी संख्या 19411) 30 मई से 04 जून तक अपने निर्धारित समय से 02 घंटे 40 मिनट की देरी से रवाना होगी। वहीं, चंडीगढ़-बान्द्रा टर्मिनस (गाड़ी संख्या 22452) दिनांक 31 मई और 03 जून को चंडीगढ़ से 01 घंटे 30 मिनट की देरी से प्रस्थान करेगी। इसके अलावा, कालका-भिवानी रेलसेवा (गाड़ी संख्या 14796) को 06 जून को अम्बाला स्टेशन पर 20 मिनट के लिए रेगुलेट किया जाएगा। रेलवे के इस बड़े तकनीकी अभियान का उद्देश्य भविष्य में रेल संचालन को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाना है, हालांकि तात्कालिक रूप से यह हजारों यात्रियों के सफर को प्रभावित करने जा रहा है।

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