डीग। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान ऑपरेशन एंटीवायरस 2.0 के तहत डीग कोतवाली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने साइबर ठगी के कई मामलों में वांछित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को लंबे समय से पुलिस तलाश रही थी, जो अब पुलिस के हत्थे चढ़ गए हैं।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान भीलमका गांव निवासी आरिफ, अब्बास, ताहिर, मुबारिक, जाफर, सैकुल उर्फ गंगा और इंसाफ के रूप में हुई है। ये सभी आरोपी विभिन्न साइबर ठगी प्रकरणों में वांछित थे। डीग कोतवाली पुलिस की अलग-अलग टीमों ने छापेमारी कर इन सातों को धर दबोचा।

बुधवार शाम को मिली जानकारी के अनुसार, इन गिरफ्तारियों को प्रकरण संख्या 225/2024, 113/2025, 33/2025 और 94/2025 के तहत अंजाम दिया गया। पुलिस ने बताया कि सभी मामलों में बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। प्रारंभिक जांच से पता चला है कि ये आरोपी ऑनलाइन ठगी और फर्जी खातों के जरिए धन उगाही के मामलों में संलिप्त रहे हैं।

डीग कोतवाली प्रभारी पुलिस निरीक्षक विजय सिंह मीना के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। टीम में हेड कांस्टेबल रामनिवास, कांस्टेबल थानसिंह, बजरंग शर्मा और अजीत सिंह शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि यह अभियान साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आम नागरिकों को ठगी से बचाने के लिए चलाया जा रहा है।

पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि साइबर ठगी के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों तक भी पहुंच बनाई जा सके। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह ऑनलाइन धोखाधड़ी के कई राज्यों से जुड़े मामलों में भी संलिप्त हो सकता है।

डीग कोतवाली की यह कार्रवाई न केवल पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि यह साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर सख्त कदम उठाने की दिशा में एक ठोस उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।

(रिपोर्ट — बृजेश पाराशर, डीग)

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