उदयपुर। शहर के अंबामाता थाना क्षेत्र में दो युवकों के खिलाफ बैंक में खाता खुलवाकर साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने साइबर क्राइम शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है और कई बैंकों के खातों में लाखों रुपये के लेन-देन की पुष्टि की है। यह मामला डिजिटल युग में बढ़ती ऑनलाइन धोखाधड़ी की गंभीरता को उजागर करता है।

बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी के लिए-

पुलिस के अनुसार, बींजाराम पुत्र चेतनराम कुम्हार निवासी गुडा रोड आलामंड और सुनील सिंह रावत पुत्र रतन सिंह रावत निवासी सेंती चितौड़गढ़ के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पूछताछ में दोनों युवकों ने स्वीकार किया कि वे दोस्त हैं और बैंक खातों का इस्तेमाल एक फर्म “हार्डवेयर इंटरप्राइजेज” के लिए करते थे।

दोनों ने पुलिस को बताया कि इन खातों में फर्म की तरफ से अवैध धनराशि आती है। वे इस पैसे को निकालते हैं और कुल राशि का 15 प्रतिशत कमीशन फर्म को लौटाते हैं। इस प्रकार वे अपने खातों के माध्यम से धोखाधड़ी करते थे। पुलिस के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया योजनाबद्ध थी और खाताधारकों की भूमिका इसमें अहम रही।

अंबामाता थाना पुलिस ने साइबर क्राइम टीम के साथ मिलकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जांच में कई बैंक खातों और लेन-देन के विवरण जुटाए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 66 और 66डी आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही फर्म और उसके संचालकों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल माध्यमों से होने वाली इस प्रकार की धोखाधड़ी का शिकार आम नागरिक भी हो सकते हैं। बैंक खातों के गलत इस्तेमाल और फर्जी फर्मों के जरिये धनराशि हड़पने की घटनाओं में तेजी देखी जा रही है। ऐसे मामलों में सतर्कता और बैंकिंग लेन-देन की निगरानी आवश्यक है।

हाल के वर्षों में साइबर ठगी के मामलों में निरंतर वृद्धि हुई है। बैंक खातों का दुरुपयोग, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में गड़बड़ी और फर्जी फर्मों के माध्यम से अवैध धन प्राप्त करना आम हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा उपायों का पालन बेहद जरूरी है।

उदयपुर में यह मामला एक बार फिर याद दिलाता है कि बैंकिंग प्रणाली में भरोसे और डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा किस हद तक महत्वपूर्ण है। पुलिस ने चेताया है कि खाताधारक किसी भी अज्ञात फर्म या व्यक्ति के निर्देश पर अपने खाते का इस्तेमाल न करें और ऐसे किसी भी संदिग्ध लेन-देन की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।

इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और नागरिकों के लिए चेतावनी का काम किया है कि डिजिटल और बैंकिंग सुरक्षा में लापरवाही गंभीर वित्तीय नुकसान और कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है।

Manyaa Chaudhary

Manyaa Chaudhary

यह 'प्रातःकाल' में एसोसिएट एडिटर के पद पर हैं। और पिछले दो वर्षों से इन्हें रिपोर्टिंग और इवेंट मैनेजमेंट का अनुभव है। इससे पहले इन्होंने 'स्वदेश न्यूज़ चैनल' में बतौर ट्रेनी रिपोर्टर काम किया है। ये विशेष रूप में मनोरंजन, स्पोर्ट्स, और क्राइम रिपोर्टिंग क्षेत्र में समर्थ हैं। अभी यह जर्नलिज्म की पढाई कर रही हैं।

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