ब्यावर जिले के रायपुर में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही सीसी रोड, ग्रामीणों के आक्रोश के बाद खुली पोल: जांच में मानकों की उड़ी धज्जियां
ब्यावर के रायपुर नगर पालिका क्षेत्र में बाईपास सीसी रोड निर्माण में भारी भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ है। ग्रामीणों के जबरदस्त विरोध के बाद हुई जांच में सड़क की मोटाई मानकों से 2 इंच कम पाई गई। अधिशासी अधिकारी विपिन देवल ने कार्य रुकवाकर पुन: निर्माण के आदेश दिए हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट और जानें कैसे ग्रामीणों ने रुकवाया घटिया निर्माण।

रायपुर (ब्यावर): विकास के दावों के बीच भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हो सकती हैं, इसका जीवंत उदाहरण ब्यावर जिले के रायपुर नगर पालिका क्षेत्र में देखने को मिला है। यहाँ निर्माणाधीन बाईपास सीसी रोड भ्रष्टाचार और लापरवाही का पर्याय बन गई है, जहाँ जनता के टैक्स के पैसे से मजबूती के बजाय खानापूर्ति की जा रही थी। इस गंभीर अनियमितता का खुलासा तब हुआ जब जागरूक ग्रामीणों ने एकजुट होकर निर्माण कार्य को बीच में ही रुकवा दिया और ठेकेदार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
नगर पालिका रायपुर द्वारा कराए जा रहे इस महत्वपूर्ण बाईपास निर्माण में तकनीकी मानकों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा था। ग्रामीणों का आरोप है कि स्वीकृत एस्टीमेट के अनुसार न तो निर्माण से पूर्व 10 टन क्षमता वाले रोड रोलर से जमीन की कुटाई की गई और न ही सामग्री की गुणवत्ता का ध्यान रखा गया। आक्रोशित ग्रामीणों के विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी विपिन देवल दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। जब उन्होंने ग्रामीणों की मौजूदगी में सड़क को बीच से खुदवाकर उसकी जांच करवाई, तो चौंकाने वाला सच सामने आया। जांच में सड़क की मोटाई निर्धारित मानकों से लगभग दो इंच कम पाई गई, जो सीधे तौर पर सरकारी धन के दुरुपयोग और ठेकेदार की मनमानी को दर्शाता है।
मौके पर मौजूद दीवान सिंह, रूप सिंह, लक्ष्मण, गजेंद्र सिंह, हरीश और विजय सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने इस धांधली पर कड़ा ऐतराज जताया। ग्रामीणों का कहना है कि बिना उचित आधार तैयार किए बनाई जा रही यह सड़क पहली बारिश भी नहीं झेल पाती। भ्रष्टाचार की पुष्टि होने पर अधिशासी अधिकारी विपिन देवल ने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए ठेकेदार को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने दो टूक शब्दों में निर्देश दिए कि इस घटिया निर्माण को तुरंत हटाया जाए और पूरी सड़क का नए सिरे से, उच्च गुणवत्ता और तय मानकों के अनुसार पुन: निर्माण किया जाए। साथ ही उन्होंने भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। हालांकि, इस पूरे प्रकरण पर आधिकारिक पक्ष जानने के लिए जब पब्लिक ऐप रिपोर्टर जगदीश माली ने अधिशासी अधिकारी से संपर्क साधा, तो उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी। यह घटना स्पष्ट करती है कि यदि ग्रामीण सजग न होते, तो विकास की यह परत भ्रष्टाचार की भेंट चढ़कर चंद दिनों में ही बिखर जाती।

Pratahkal Bureau
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