कांग्रेस ने यूरिया संकट पर खोला मोर्चा, अंता विधायक प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में सीएफसीएल गढेपान फेक्ट्री के बाहर घंटों धरना
बारां जिले में यूरिया खाद की भारी कमी को लेकर अंता विधायक प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में कांग्रेस ने सीएफसीएल गढेपान फेक्ट्री के बाहर धरना दिया। 22,500 मीट्रिक टन यूरिया की तत्काल आपूर्ति की मांग की गई। विरोध के बाद सीएफसीएल ने बारां जिले को प्रतिदिन 1000 मीट्रिक टन खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

बारां। किसानों के लिए अत्यावश्यक यूरिया खाद की भारी कमी से उपजे आक्रोश ने बुधवार को एक बड़ा रूप ले लिया, जब अंता विधायक प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में जिला कांग्रेस कमेटी ने चम्बल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (सीएफसीएल) फेक्ट्री, गढेपान (जिला कोटा) के बाहर सैकड़ों कार्यकर्ताओं और किसानों के साथ जोरदार धरना दिया। किसानों की परेशानियों, खाद की किल्लत और प्रशासनिक उदासीनता को लेकर कांग्रेस ने सीएफसीएल प्रबंधन से लेकर राज्य सरकार तक कड़ा संदेश देते हुए त्वरित आपूर्ति की मांग की।
धरना स्थल पर विधायक प्रमोद जैन भाया, जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामचरण मीणा, पीसीसी सचिव हंसराज मीणा उदपुरिया, पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल, पूर्व विधायक करणसिंह राठौड़ तथा पूर्व विधायक निर्मला सहरिया सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भाग लेकर किसानों की आवाज को मजबूती दी। मौके पर जिलाधीश बारां के माध्यम से महाप्रबंधक सीएफसीएल और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा गया।
ज्ञापन में कांग्रेस ने बारां जिले के लिए नवम्बर माह के आवंटन में मिले 4000 मीट्रिक टन की कमी को गम्भीर बताया तथा कहा कि किसानों की वास्तविक आवश्यकता 22,500 मीट्रिक टन यूरिया की है, जिसमें 4000 मीट्रिक टन नवम्बर माह का शेष और 18,500 मीट्रिक टन दिसम्बर माह का आवंटन शामिल है। कांग्रेस ने यह भी याद दिलाया कि 26 सितंबर और 17 नवंबर 2025 को जिला कलेक्टर कार्यालय पर दिए गए धरनों तथा 25 नवंबर को मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
धरने को संबोधित करते हुए विधायक प्रमोद जैन भाया ने कहा कि गढेपान स्थित यह विशाल यूरिया फेक्ट्री पूरे देश में खाद सप्लाई करती है, जबकि इसका प्रदूषित पानी और दूषित हवा सबसे अधिक नुकसान बारां जिले को झेलना पड़ता है। इसके बाद भी बारां, कोटा, झालावाड़ और बूंदी जैसे समीपवर्ती जिलों को मांग के अनुरूप यूरिया उपलब्ध नहीं कराया जाना न्याय के सिद्धांतों का खुला उल्लंघन है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगले 15 दिनों में निर्धारित 22,500 मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित नहीं हुई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता आमरण अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे।
पूर्व विधायक पानाचंद मेघवाल ने बताया कि खाद की कमी के चलते किसानों को रातभर लाइनों में खड़े रहना पड़ रहा है, कई स्थानों पर चक्काजाम तक करना पड़ा। पूर्व विधायक करणसिंह राठौड़ ने इसे सामूहिक कृषि कार्यों के चरम समय में अत्यंत विकट परिस्थिति बताते हुए तत्काल आपूर्ति को अनिवार्य बताया। वहीं पूर्व विधायक निर्मला सहरिया ने 13 वर्ष पूर्व इसी फेक्ट्री में अमोनिया गैस के रिसाव से खान की झोपड़िया गांव में बिगड़ी परिस्थितियों की याद दिलाते हुए कहा कि हाडौती के लोगों ने इस फेक्ट्री से नुकसान झेला है, इसलिए उन्हें खाद के वितरण में प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
धरना स्थल पर पहुंचे सीएफसीएल के महाप्रबंधक एवं अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में बारां जिले को प्रतिदिन 500–600 मीट्रिक टन यूरिया भेजा जा रहा है, जिसे बढ़ाकर अब 1000 मीट्रिक टन प्रतिदिन किया जाएगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इस आपूर्ति की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाएगी और प्रगति मांग के अनुरूप नहीं मिली तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
यूरिया संकट से जूझ रहे किसानों के लिए यह आश्वासन कितनी राहत लाएगा, यह अगले कुछ दिनों की आपूर्ति स्थिति तय करेगी। लेकिन बुधवार का यह धरना हाडौती में किसानों की बढ़ती बेचैनी और कृषि संसाधनों की कमी को लेकर सरकार और उद्योगों के प्रति बढ़ते आक्रोश का स्पष्ट संकेत है।
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Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
