छोटीसादड़ी: सम्भाग में सबसे अधिक रक्तदान, फिर भी मरीज रक्तसेवा से वंचित; एक वर्ष से बंद ब्लड स्टोरेज, कागजी कार्यवाही में अटका जीवनरक्षक तंत्र
सम्भाग में सर्वाधिक रक्तदान देने वाले छोटीसादड़ी में एक वर्ष से ब्लड स्टोरेज फ्रिज खराब होने के कारण मरीज रक्त ट्रांसफ्यूजन सुविधा से वंचित हैं। गायनिक सेवाओं की कमी और कागजी कार्यवाही में अटकी व्यवस्था पर जीवनरक्षक सोसायटी ने तत्काल सुधार की मांग की है, अन्यथा धरने की चेतावनी दी है।

छोटीसादड़ी। पूरे सम्भाग में सर्वाधिक रक्तदान देने वाले नगर छोटीसादड़ी की विडम्बना यह है कि यहाँ के मरीज आज भी रक्त ट्रांसफ्यूजन जैसी मूलभूत जीवनरक्षक सुविधा से दूर हैं। उप जिला चिकित्सालय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में रक्त की जरूरत वाले मरीज रोजाना इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं, जबकि यह क्षेत्र लंबे समय से रक्तदान के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है।
अस्पताल में करीब 20 यूनिट रक्त संग्रहित करने की क्षमता मौजूद है, किंतु बीते एक वर्ष से ब्लड स्टोरेज फ्रिज खराब पड़ा है। उपकरण बंद होने से पूरे रक्त भंडारण और ट्रांसफ्यूजन की व्यवस्था ठप हो गई है। स्थिति यह है कि जरूरत पड़ने पर मरीजों को घंटों का सफर तय कर दूसरे शहरों में रक्त की तलाश करनी पड़ती है।
सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है। अस्पताल में गायनिक सुविधाएँ सीमित हैं, जबकि रक्त की सर्वाधिक आवश्यकता गर्भवती महिलाओं व प्रसवकालीन जटिलताओं में होती है। एक चिकित्सक को रक्त चढ़ाने का लाइसेंस उपलब्ध है, पर सुविधाओं के अभाव में डिलेवरी और आपातकालीन उपचार बाहरी चिकित्सा केंद्रों में ही कराना पड़ रहा है। राज्य सरकार रक्त ट्रांसफ्यूजन सेवा निःशुल्क उपलब्ध कराती है, किंतु स्थानीय अव्यवस्थाएँ मरीजों को इसका लाभ लेने से वंचित कर रही हैं।
जीवनरक्षक सोसायटी द्वारा की गई जांच में सामने आया कि ब्लड स्टोरेज फ्रिज चालू कराने और संबंधित तकनीकी व्यवस्थाओं को बहाल करने की प्रक्रिया लंबे समय से कागजी कार्यवाही में अटकी पड़ी है। प्रशासनिक टालमटोल और जिम्मेदार अधिकारियों की जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण आवश्यक दस्तावेज महीनों से फाइलों में दबे हुए हैं। रक्तदान में निरंतर अग्रणी रहने के बावजूद छोटीसादड़ी का उप जिला चिकित्सालय प्रशासनिक उदासीनता का शिकार बताया जा रहा है।
जीवनरक्षक सोसायटी ने विधायक, सीएमएचओ तथा जिला चिकित्सालय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन का कहना है कि नगर में ब्लड ट्रांसफ्यूजन सुविधा शीघ्र शुरू की जाए और जो अधिकारी लंबे समय से लापरवाही बरत रहे हैं, उनके विरुद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
सोसायटी ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो उन्हें धरना देने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। क्षेत्र के नागरिकों का मानना है कि समस्या के समाधान में और देरी हजारों मरीजों की जान को जोखिम में डाल सकती है।
समय रहते आवश्यक कदम उठाए गए तो छोटीसादड़ी न केवल रक्तदान में बल्कि रक्तसेवा उपलब्ध कराने में भी सम्भाग का अग्रणी केंद्र बन सकता है।
- छोटीसादड़ी रक्तदानछोटीसादड़ी ब्लड स्टोरेजरक्त ट्रांसफ्यूजन सुविधाउप जिला चिकित्सालय छोटीसादड़ीब्लड स्टोरेज फ्रिज खराबगायनिक सुविधा अभावजीवनरक्षक सोसायटी छोटीसादड़ीछोटीसादड़ी स्वास्थ्य व्यवस्थाRaktadan ChotisadriBlood Storage ChotisadriBlood Transfusion Issue RajasthanChotisadri Hospital CrisisLifeguard Society DemandHealth Services ChittorgarhRajasthan Medical Negligence

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
