चेक बाउंस मामला: उनियारा कोर्ट ने दोषी को सुनाई एक साल की जेल
उनियारा एसीजेएम कोर्ट ने धारा 138 के तहत आरोपी पर 11 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया, राशि परिवादी को क्षतिपूर्ति के रूप में मिलेगी।

उनियारा (टोंक) की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा 17 अप्रैल 2026 को जारी आदेश की प्रति, जिसमें चेक बाउंस के दोषी को सजा सुनाई गई है।
टोंक/उनियारा। चेक अनादरण (बाउंस) के एक मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट उनियारा डॉ. सुरभि सिंह की अदालत ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया है। अदालत ने आरोपी बनवारी लाल मीणा पुत्र लखमाराम मीणा निवासी खेड़ली बालाजी, तहसील अलीगढ़, जिला टोंक को एक वर्ष के साधारण कारावास तथा 11,00,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि अर्थदंड अदा नहीं करने की स्थिति में आरोपी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही अर्थदंड की राशि में से परिवादी को क्षतिपूर्ति (मुआवजा) दिलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रकरण के अनुसार परिवादी लोकेश कुमार मीणा निवासी खेड़ली बालाजी, थाना अलीगढ़, जिला टोंक द्वारा प्रस्तुत परिवाद में बताया गया कि आरोपी द्वारा देय राशि के भुगतान के लिए दिया गया चेक बैंक में प्रस्तुत करने पर अनादरित हो गया। नियमानुसार नोटिस देने के बावजूद आरोपी ने निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं किया, जिसके बाद मामला न्यायालय में विचाराधीन रहा।
सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय ने पाया कि आरोपी ने अपने विधिक दायित्व के निर्वहन में लापरवाही बरती और चेक अनादरण का अपराध संदेह से परे सिद्ध हुआ। इसके आधार पर न्यायालय ने परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत आरोपी को दोषी ठहराते हुए उक्त सजा सुनाई।
अदालत ने यह भी निर्देश दिए कि आरोपी द्वारा पूर्व में बिताई गई हिरासत अवधि को सजा में समायोजित किया जाए तथा जमानत बांड निरस्त किए जाएं। यह निर्णय चेक बाउंस जैसे मामलों में समय पर भुगतान और कानूनी जिम्मेदारी निभाने के महत्व को रेखांकित करता है।

