बिरसा मुंडा जयंती: बारां में मनाया गया जनजातीय गौरव दिवस, शिक्षा और समाज सुधार में योगदान को किया गया याद
बारां में बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के शिक्षा और जागरूकता में उनके योगदान को याद किया गया। डॉ. हेमलता वैष्णव, डॉ. सुरेश मेघवाल और कई इतिहासकारों ने बिरसा मुंडा के समाज सुधार प्रयासों पर प्रकाश डाला।

बारां। भारतीय इतिहास संकलन समिति, बारां द्वारा देश के महान आदिवासी नेता बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती जनजातीय गौरव दिवस के रूप में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समिति के कॉलेज प्रभारी और इतिहासकारों ने बारां, केलवाडा, छबड़ा, शाहाबाद और अटरू के राजकीय महाविद्यालयों में विशेष कार्यक्रम आयोजित कर बिरसा मुंडा के योगदान को याद किया।
समिति की जिला महासचिव डॉ. हेमलता वैष्णव ने बताया कि बिरसा मुंडा ने ब्रिटिश शासन के अत्याचार के खिलाफ आवाज़ उठाई और समाज सुधार के लिए शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया। आदिवासी समाज में नई जागरूकता लाने में उनका योगदान अतुलनीय है। समिति अध्यक्ष डॉ. सुरेश मेघवाल ने कहा कि आज भी बिरसा मुंडा की विचारधारा समाज और युवा वर्ग के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम में डॉ. जयश्री मेम, डॉ. ज्योति गुप्ता, डॉ. दत्तात्रेय गोत्तम, डॉ. महेश शर्मा, डॉ. अतुल श्रीवास्तव, डॉ. राजाराम धाकड़, डॉ. राकेश वर्मा, डॉ. अशोक धाबाई और यशोदा मेघवाल सहित अन्य इतिहासकारों ने अपने-अपने क्षेत्रों में बिरसा मुंडा के योगदान और आदिवासी समाज के लिए उनके प्रयासों पर प्रकाश डाला। कॉलेज इकाई अध्यक्ष प्रिया मीणा, प्रिया पंकज, बिंदिया वैष्णव, कविता मीणा, पूजा कुमारी और मनीष सुमन ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भागीदारी निभाई।
इस अवसर ने न केवल आदिवासी समाज की गौरव गाथा को उजागर किया, बल्कि युवाओं को शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के प्रति प्रेरित करने का संदेश भी दिया। बिरसा मुंडा की विरासत आज भी आदिवासी समाज और पूरे देश में न्याय, समानता और शिक्षा के महत्व की याद दिलाती है।
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Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
