ब्यावर पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर सेल ने खोज निकाले 11 लाख के 50 मोबाइल, चेहरों पर लौटी मुस्कान
ब्यावर जिला पुलिस और साइबर सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 लाख रुपये मूल्य के 50 चोरी और गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के नेतृत्व में राजस्थान, बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश से इन फोन्स को ट्रेस किया गया। अब पुलिस ने सभी वैधानिक कार्यवाही पूरी कर मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए हैं, जिससे आमजन में खुशी की लहर है।

ब्यावर। आधुनिक युग में मोबाइल फोन केवल संवाद का साधन नहीं, बल्कि आमजन के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। ऐसे में जब किसी का कीमती फोन चोरी हो जाए या गुम हो जाए, तो वह व्यक्ति न केवल आर्थिक बल्कि मानसिक रूप से भी परेशान हो जाता है। आमजन की इसी पीड़ा को समझते हुए ब्यावर जिला पुलिस ने एक विशेष अभियान के जरिए बड़ी सफलता अर्जित की है। जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह के कुशल निर्देशन में पुलिस और साइबर टीम ने देश के विभिन्न राज्यों से कुल 50 गुमशुदा और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए हैं।
इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम देने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र कुमार शर्मा और वृत्ताधिकारी एवं साइबर पुलिस थाना प्रभारी राजेश कुमार कसाना के पर्यवेक्षण में एक विशेष अभियान चलाया गया था। जिले के विभिन्न थानों और जिला साइबर एकक की टीमों ने सूचना तंत्र को सक्रिय किया और तकनीकी सहायता के लिए सीईआईआर (CEIR) पोर्टल का प्रभावी उपयोग किया। पुलिस की यह जांच केवल राजस्थान तक सीमित नहीं रही, बल्कि टीम ने बिहार, गुजरात और मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों में मोबाइल फोन्स को ट्रेस किया। कड़ी मशक्कत के बाद टीम विभिन्न ब्रांड्स के 50 एंड्रॉइड मोबाइल फोन बरामद करने में सफल रही, जिनकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग 11 लाख रुपये आंकी गई है।
सोमवार दोपहर को वृत्ताधिकारी कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक रतन सिंह ने इस पूरी सफलता का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि इन फोन्स को बरामद करने के बाद पुलिस ने संबंधित फोन धारकों के पहचान दस्तावेजों का सत्यापन किया। इसके बाद फोन्स को अनब्लॉक कर उनके मूल मालिकों को सुपुर्द कर दिया गया। अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर कई नागरिकों के चेहरे खुशी से खिल उठे। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की कि मोबाइल फोन खोने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत राजस्थान पुलिस के पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवाएं और सीईआईआर के माध्यम से फोन को ब्लॉक करवाएं, ताकि उसका दुरुपयोग रोका जा सके।
इस विशेष अभियान की सफलता में साइबर पुलिस थाने के निरीक्षक भवानी सिंह, प्रधान आरक्षक नंद सिंह, आरक्षक रामवतार और सुभाष के साथ-साथ जिला साइबर एकक के सहायक उप निरीक्षक सरफराज खां, आरक्षक सुशील टोगस, नैना सिंह और महिला आरक्षक मीना की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस की इस तत्परता और पेशेवर कार्यप्रणाली ने न केवल अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरा है, बल्कि आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ किया है।

Rajesh Toshniwal, Bhilwara
नाम: राजेश तोषनीवाल
वर्तमान पद: ब्यूरो चीफ (भीलवाड़ा)
कार्यक्षेत्र: भीलवाड़ा (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीति, क्राइम, प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और बिज़नेस
परिचय
राजेश तोषनीवाल राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के वरिष्ठ पत्रकार और ब्यूरो चीफ हैं। वह राजनीति, अपराध (क्राइम), स्थानीय प्रशासन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक गतिविधियों (बिज़नेस) सहित सभी मुख्य विषयों पर नियमित रिपोर्टिंग करते हैं। मौके पर पहुंचकर सक्रियता से ग्राउंड रिपोर्टिंग करना उनकी मुख्य विशेषता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
राजेश तोषनीवाल को पत्रकारिता के क्षेत्र में कुल 44 वर्षों का व्यापक अनुभव है।
- वह पिछले 35 वर्षों से अधिक समय से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र से निरंतर जुड़े हुए हैं।
- इससे पूर्व उन्होंने 'दैनिक जागरण', 'नवभारत टाइम्स' सहित कई अन्य लोकल एवं राज्यस्तरीय मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
- स्नातक (Graduate)
- डिप्लोमा इन जर्नलिज्म (Diploma in Journalism)
