ब्यावर: मनरेगा के वजूद पर मंडराते संकट के खिलाफ बर में फूटा जन-आक्रोश, 'जन संग्राम' रैली से सरकार को दी सीधी चेतावनी
ब्यावर के बर में मनरेगा बचाव जन संग्राम के तहत विशाल जनसभा और रैली का आयोजन किया गया। केंद्र व राज्य सरकार की मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ उमड़े जनसैलाब ने मनरेगा को कमजोर करने की साजिशों का पुरजोर विरोध किया। महेंद्र चौहान और आशीष चौधरी सहित दिग्गज नेताओं ने सरकार को चेतावनी देते हुए मजदूरों के रोजगार अधिकार की रक्षा का संकल्प लिया।

ब्यावर/बर। जैतारण विधानसभा क्षेत्र के बर कस्बे की सड़कें आज मजदूरों के पदचाप और हक की हुंकार से गूंज उठीं। केंद्र और राज्य सरकार की कथित मजदूर-विरोधी नीतियों के खिलाफ 'मनरेगा बचाव जन संग्राम' अभियान के तहत आयोजित इस विशाल जनसभा और जनजागरूकता रैली ने सत्ता के गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा मानी जाने वाली मनरेगा योजना को कमजोर करने की कोशिशों के विरोध में उमड़ा यह जनसैलाब स्पष्ट संदेश दे रहा था कि गरीब की रोटी और मजदूर की मजदूरी पर किसी भी तरह का प्रहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस कमेटी और राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में मजदूरों, महिलाओं और युवाओं ने शिरकत कर सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की।
रैली का आगाज बर की ग्राम पंचायत से हुआ, जहां हाथों में तख्तियां लिए और "मनरेगा हमारा अधिकार है" व "गरीब विरोधी बिल वापस लो" जैसे नारों के साथ प्रदर्शनकारी आगे बढ़े। जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता और OBC विभाग के प्रदेश महासचिव महेंद्र चौहान ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि मनरेगा केवल एक सरकारी योजना नहीं बल्कि ग्रामीण भारत की रीढ़ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार नए कानूनों और नाम बदलने की आड़ में इस संवैधानिक अधिकार को खत्म करने की साजिश रच रही है, जिससे गांवों से पलायन बढ़ेगा और मजदूर की स्थिति और भी दयनीय हो जाएगी। चौहान ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी नीतियां नहीं बदलीं, तो यह आंदोलन पंचायत से लेकर दिल्ली की सड़कों तक लड़ा जाएगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जैतारण विधानसभा प्रभारी आशीष चौधरी ने कहा कि वर्तमान सरकार की नीतियां पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने और गरीबों को हाशिए पर धकेलने वाली हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष किशोर चौधरी ने अध्यक्षता करते हुए मनरेगा को कांग्रेस की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और इसे बचाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष का आह्वान किया। वक्ताओं ने तकनीकी बदलावों और जटिल कानूनों के माध्यम से मजदूरों के काम मांगने के अधिकार को बाधित करने के प्रयासों की कड़ी निंदा की।
इस विशाल आयोजन में संगठन की एकजुटता भी देखने को मिली। मंच पर राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन के जिलाध्यक्ष श्रीराम यादव, ब्लॉक अध्यक्ष रज्जाक लोहार, OBC विभाग के जिलाध्यक्ष कैलाश गहलोत, महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष इशिका जैन, और युवा कांग्रेस नेता भुवनेश शर्मा ने भी अपने विचार रखे। साथ ही ब्यावर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अशोक रांका, मंडल अध्यक्ष मर्तुजा कुरैशी, दिनेश नायक, गुमान गुर्जर, बगदाराम राजदमामी, डूंगरराम मेघवाल और गणपत जलवानिया जैसे नेताओं ने भी सरकार की नीतियों को जनविरोधी करार दिया।
मजदूरों की इस आवाज में मनरेगा श्रमिक मेट संघर्ष समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह उदावत, सुमन लोहार, जयंती वारेसा, रतन नायक, हाजी कमरूदीन कुरैशी और अब्दुल सत्तार ने भी सुर मिलाया। जनसभा के अंत में सभी उपस्थित ग्रामीणों और श्रमिकों ने सामूहिक संकल्प लिया कि वे अपने रोजगार के कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी बड़े आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे। बर में हुआ यह शक्ति प्रदर्शन आने वाले दिनों में क्षेत्र की राजनीति और जन-आंदोलनों की नई दिशा तय करने वाला साबित होगा।

Pratahkal Bureau
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