बारां के शेरगढ़ को चीता अभयारण्य बनाने की तैयारी, पर्यटन सर्किट पर चर्चा
होटल फेडरेशन ने कोटा संभाग अध्यक्ष से मिलकर शेरगढ़ को चीता सेंचुरी के रूप में विकसित करने और हाड़ोती टूर पैकेज में शामिल करने की मांग की।

कोटा में आयोजित बैठक के दौरान शेरगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में देखे गए चीता 'पी-3' के पोस्टर का विमोचन करते होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान के प्रतिनिधि और अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी
बारां जिले के वन क्षेत्र को चीता संरक्षण के लिए उपयुक्त मानते हुए शेरगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी को हाड़ोती क्षेत्र के तीसरे अभ्यारण्य के रूप में विकसित करने के प्रयास तेज हो गए हैं। इस दिशा में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान की बारां इकाई के अध्यक्ष हरिओम अग्रवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी से मुलाकात कर पर्यटन विकास और हाड़ोती टूर पैकेज में बारां को शामिल करने पर विस्तृत चर्चा की।
हरिओम अग्रवाल ने बताया कि बारां जिले के वन क्षेत्र रणथंभौर टाइगर रिजर्व, कूनो नेशनल पार्क तथा माधव टाइगर रिजर्व से जुड़े हुए हैं, जिससे यह क्षेत्र एक महत्वपूर्ण वन्यजीव कॉरिडोर के रूप में उभर रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि चीता ‘पी-3’ का मूवमेंट शेरगढ़ क्षेत्र में देखा गया है, जो यहां अपनी टेरिटरी विकसित कर रहा है। यह चीता खरगोश और जंगली सूअर का शिकार कर चुका है तथा इसका मूवमेंट परवन नदी के आसपास दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि शेरगढ़ वाइल्ड लाइफ अभ्यारण्य में बाउंड्री वॉल का कार्य लगभग 75 प्रतिशत पूरा हो चुका है, जबकि शेष 25 प्रतिशत कार्य बजट के अभाव में लंबित है। इस संबंध में संभागीय अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी से कार्य शीघ्र पूर्ण करवाने के लिए सरकार तक बात पहुंचाने का आग्रह किया गया, जिससे भविष्य में इस क्षेत्र को चीता सेंचुरी के रूप में विकसित किया जा सके।
प्रतिनिधिमंडल ने यह भी अवगत कराया कि बारां जिले में पर्यटन की अपार संभावनाओं के बावजूद यहां पर्यटन विभाग का स्थायी कार्यालय नहीं है, जिसके कारण विकास, संरक्षण और प्रचार-प्रसार प्रभावित हो रहा है। यदि यहां पर्यटन कार्यालय स्थापित किया जाता है तो रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
इस दौरान कोटा डिवीजन के अध्यक्ष अशोक माहेश्वरी ने कहा कि बारां जिले में पुरात्व, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की व्यापक संभावनाएं हैं। शेरगढ़ वाइल्डलाइफ अभ्यारण्य, सोरसन वन क्षेत्र सहित अन्य स्थलों को विकसित कर हाड़ोती क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यदि यहां चीता पुनर्वास योजना लागू होती है, तो यह क्षेत्र पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बन सकता है।
माहेश्वरी ने आगे बताया कि हाड़ोती के चारों जिलों—कोटा, बूंदी, झालावाड़ और बारां—को पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करने के लिए फेडरेशन निरंतर प्रयासरत है। शीघ्र ही बारां में संभागीय बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें हाड़ोती के साथ-साथ बारां के पर्यटन विकास पर विस्तृत मंथन किया जाएगा।
बैठक के दौरान शेरगढ़ वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में देखे गए चीता ‘पी-3’ के फोटो पोस्टर का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में जितेंद्र शर्मा (इंटेक), मृत्युंजय पंकज एवं मोहम्मद अश्फाक सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। यह पहल बारां जिले को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने और वन्यजीव संरक्षण को नई दिशा देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
