बारां/अटरू। दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच अगर साथ हो, तो किसी भी असंभव प्रतीत होने वाले कार्य को संभव बनाया जा सकता है। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय किशनपुरा टापरिया के वरिष्ठ अध्यापक डॉ. अंकुर माहेश्वरी ने इस कहावत को साकार कर दिखाया। संस्कृत विषय के अध्यापक और केशव महाविद्यालय अटरू के पूर्व प्राचार्य डॉ. माहेश्वरी ने अपने प्रयासों से विद्यालय को एक नई दिशा प्रदान की है।

पिछले 15 वर्षों से विद्यालय में कक्षा 1 से 12 तक अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। न तो टेबल उपलब्ध थे, न ही स्टूल। लेकिन डॉ. माहेश्वरी ने इस समस्या को विद्यालय की नियति नहीं बनने दिया। उन्होंने निजी पहल करते हुए ‘केनफिन होम्स लिमिटेड’ से संपर्क साधा और उन्हें विद्यालय के भामाशाह प्रेरक के रूप में जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उनके इस अनुरोध पर संस्था ने अपने सीएसआर फंड से विद्यालय को लगभग ₹3,12,000 की मूल्य की सामग्री — 160 टेबल-स्टूल सेट, 4 लाइब्रेरी अलमारियां और 4 ऑफिस अलमारियां — दानस्वरूप प्रदान कीं।

प्रधानाचार्य लालचंद बैरवा ने बताया कि डॉ. अंकुर माहेश्वरी न केवल एक समर्पित शिक्षक हैं, बल्कि सच्चे समाजसेवी भी हैं। उन्होंने विद्यालय के लिए एक प्रधानाचार्य राउंड चेयर एवं प्रतिवर्ष विकास कार्यों हेतु आर्थिक सहायता भी प्रदान की है। इसके अतिरिक्त वे विद्यालय परिसर में नियमित रूप से वृक्षारोपण अभियान चलाते हैं, विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति परीक्षाओं की तैयारी करवाते हैं, और ग्राम पंचायत किशनपुरा के निवासियों को विद्यालय विकास के लिए प्रेरित करते हैं।

डॉ. माहेश्वरी के प्रयासों ने यह सिद्ध कर दिया कि संसाधनों की कमी लक्ष्य प्राप्ति में बाधा नहीं बन सकती, यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो। उनके इस प्रयास से न केवल विद्यार्थियों को सुविधा मिली है, बल्कि अन्य शिक्षकों और समाजसेवियों को भी प्रेरणा मिली है कि शिक्षा के क्षेत्र में छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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