बारां। अंता विधानसभा उपचुनाव के बीच सोमवार को साकली गांव के मतदान केंद्र संख्या 219 पर एक अभूतपूर्व स्थिति देखने को मिली, जब पूरे गांव ने मतदान प्रक्रिया का बहिष्कार कर प्रशासन के खिलाफ खुला विरोध दर्ज कराया। ग्रामीणों ने जर्जर सड़क, तालाब और खेल मैदान जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव पर नाराजगी जताते हुए मतदान नहीं करने का निर्णय लिया।

ग्रामीणों का कहना है कि वे वर्षों से इन बुनियादी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन की अनदेखी ने उन्हें मजबूर कर दिया कि वे मतदान से दूरी बना लें। ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, वे मतपेटियों की ओर नहीं जाएंगे।

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा भी ग्रामीणों के समर्थन में मौके पर पहुंच गए और उनके साथ धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग उठाई, जिससे प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई।

अंता उपखंड अधिकारी एवं रिटर्निंग ऑफिसर हवाई सिंह यादव ने बताया कि प्रशासनिक टीम ग्रामीणों से लगातार संवाद कर रही है और समझाइश का प्रयास जारी है। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के दायरे में रहते हुए ग्रामीणों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया जा रहा है।

साकली गांव में कुल 736 मतदाता पंजीकृत हैं, किंतु ग्रामीणों के सामूहिक बहिष्कार के चलते अब तक एक भी मत नहीं डाला गया है। वहीं, अंता विधानसभा क्षेत्र में दोपहर तक लगभग 55 प्रतिशत मतदान दर्ज किया जा चुका था।

गांव में जारी इस विरोध ने न केवल स्थानीय प्रशासन की नींद उड़ा दी है, बल्कि उपचुनाव की गरमाहट के बीच यह प्रकरण ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं के अभाव पर एक गहरी बहस को भी जन्म दे रहा है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story