बारां। अन्ता विधानसभा उपचुनाव में ऐतिहासिक मतों से विजयी होने के बाद नव निर्वाचित विधायक प्रमोद जैन भाया ने मंगलवार को विधानसभा सचिवालय में शपथ ग्रहण की। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद उन्होंने बारां जिले के किसानों की यूरिया खाद की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखा।

कांग्रेस जिला संगठन महामंत्री कैलाश जैन ने बताया कि पत्र में विधायक ने बारां जिले में इस वर्ष अधिक वर्षा के कारण फसलें बर्बाद होने की बात उजागर की। रबी फसलों की बुवाई के समय किसानों को यूरिया खाद नहीं मिल पा रही है, जिससे अन्नदाता गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं।

विधायक प्रमोद जैन भाया ने पत्र में विशेष रूप से कोटा जिले की सीमा पर स्थित ग्राम गढेपान में चम्बल फर्टिलाइजर्स केमिकल्स लिमिटेड (सीएफसीएल) फैक्ट्री का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री से निकलने वाला प्रदूषित वेस्टेज पानी और चिमनी से निकलने वाला धुआं बारां जिलेवासियों के लिए भी हानिकारक है। इस प्रदूषित पानी का कालीसिन्ध नदी में मिलना और बावजूद इसके फैक्ट्री से बारां जिले के किसानों को पर्याप्त यूरिया खाद न मिलना चिंताजनक स्थिति पैदा कर रहा है।

भाया ने बताया कि नवम्बर माह 2025 के लिए बारां जिले के किसानों के लिए 27,000 टन यूरिया का कोटा आरक्षित किया गया था, लेकिन अब तक केवल 15,000 टन ही उपलब्ध हो पाया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि नवम्बर माह का शेष कोटा तत्काल उपलब्ध करवाया जाए और दिसंबर 2025 में भी पर्याप्त मात्रा में यूरिया खाद का प्रावधान सुनिश्चित किया जाए।

विधायक ने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित लक्ष्य अनुसार यूरिया खाद उपलब्ध नहीं कराई गई, तो बारां जिले के किसानों के हित में 2 दिसंबर 2025 को ग्राम गढेपान स्थित सीएफसीएल फैक्ट्री के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

इस पत्र और धरना प्रदर्शन की संभावना ने क्षेत्र में किसानों की चिंता को और गहरा दिया है। यह कदम स्थानीय कृषि संकट की ओर ध्यान आकर्षित करने के साथ-साथ राज्य सरकार पर किसानों की आपूर्ति सुनिश्चित करने का दबाव भी बढ़ा सकता है।

Rajendra Sharma, Baran

Rajendra Sharma, Baran

नाम: राजेंद्र शर्मा

वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)

कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)

बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर

परिचय 

राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

  • राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
  • राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
  • दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
  • दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
  • दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
  • अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।

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