बारां: यूरिया की कमी पर कांग्रेस का गढ़ेपान फर्टिलाइजर्स मुख्य द्वार पर धरना, विधायक प्रमोद जैन भाया ने की तत्काल आपूर्ति की मांग
बारां के किसानों को यूरिया खाद की कमी से राहत दिलाने के लिए विधायक प्रमोद जैन भाया के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने 03 दिसंबर को गढ़ेपान चम्बल फर्टिलाइजर्स फेक्ट्री के मुख्य द्वार पर धरना दिया। नवम्बर 2025 के कोटे की तत्काल आपूर्ति की मांग के साथ यह धरना कृषि और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर सशक्त संदेश है।

बारां। जिले के किसानों को पर्याप्त यूरिया खाद उपलब्ध न होने की समस्या को लेकर अन्ता विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रमोद जैन भाया ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ 03 दिसंबर बुधवार को चम्बल फर्टिलाइजर्स केमिकल्स फेक्ट्री-गढेपान के मुख्य द्वार पर धरना देने का निर्णय लिया है। यह धरना दोपहर 12 बजे शुरू होगा, जिसमें जिले के सभी कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल होंगे।
विधायक प्रमोद जैन भाया ने बताया कि उन्होंने पहले भी दो बार, 26 सितम्बर और 17 नवम्बर 2025 को जिला कलक्टर कार्यालय पर धरना दिया और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर बारां के किसानों के लिए पर्याप्त यूरिया की आपूर्ति की मांग की थी। इसके बावजूद, नवम्बर 2025 के लिए आवंटित कोटे के अनुसार लगभग 5000 मेट्रिक टन यूरिया अभी तक किसानों तक नहीं पहुंचा है। इसके कारण किसान और उनके परिवार, खासकर बुजुर्ग और महिलाएं, रातभर लंबी कतारों में यूरिया लेने के लिए खड़े रहते हैं और कई बार खाली हाथ लौटने को मजबूर होते हैं।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष रामचरण मीणा ने कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कभी भी कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने सभी कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में धरने में शामिल होने का आग्रह किया।
चम्बल फर्टिलाइजर्स केमिकल्स फेक्ट्री-गढेपान, जो देशभर में यूरिया आपूर्ति करता है, पिछले कई वर्षों से बारां जिलेवासियों के लिए पर्याप्त खाद उपलब्ध नहीं करा रहा है। फेक्ट्री के दूषित जल और हवा के प्रभाव से स्थानीय नदी कालीसिन्ध और आसपास के क्षेत्र भी प्रभावित हैं। लगभग 13 वर्ष पहले इस फेक्ट्री में अमोनिया गैस रिसाव की घटना में ग्राम खान के 31 ग्रामीणों को गंभीर स्वास्थ्य समस्या हुई थी।
विधायक प्रमोद जैन भाया ने स्पष्ट किया कि बारां जिले के किसानों को नवम्बर 2025 के लिए आवंटित पूरे कोटे की तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग को लेकर ही यह धरना आयोजित किया जा रहा है।
इस कदम से यह स्पष्ट हो गया है कि यूरिया की आपूर्ति में लगातार बाधा और किसानों की परेशानियों के प्रति जन प्रतिनिधियों की गंभीर प्रतिक्रिया है, और यह धरना जिले में कृषि एवं सामाजिक सुरक्षा के मुद्दे पर एक सशक्त संदेश के रूप में उभरेगा।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
