अंता विधानसभा उपचुनाव-2025: बिना अधिप्रमाणन के राजनीतिक विज्ञापन प्रसारित करने पर होगी सख्त कार्रवाई, मोबाइल कंपनियों को चेतावनी
अंता विधानसभा उपचुनाव-2025 के दौरान निर्वाचन विभाग ने मोबाइल और टेली मार्केटिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि बिना अधिप्रमाणन के राजनीतिक विज्ञापन या ऑडियो संदेश प्रसारित करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

बारां, 31 अक्टूबर। अंता विधानसभा उपचुनाव-2025 के दौरान अब किसी भी टेलीकॉम कंपनी या टेली मार्केटिंग एजेंसी द्वारा बिना अनुमोदन के राजनीतिक विज्ञापन, रिकॉर्डेड ऑडियो संदेश या बल्क मोबाइल एसएमएस प्रसारित करना भारी पड़ सकता है। जिला निर्वाचन अधिकारी रोहिताश्व सिंह तोमर ने साफ चेतावनी दी है कि ऐसा करने पर निर्वाचन विभाग संबंधित मोबाइल ऑपरेटर या टेली मार्केटिंग फर्म के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।
निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि उपचुनाव वाले क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता प्रभावी है, ऐसे में सभी मोबाइल ऑपरेटरों की जिम्मेदारी है कि वे निर्वाचन विभाग का सहयोग करें और यह सुनिश्चित करें कि उनके प्लेटफॉर्म से कोई भी गैर-अधिप्रमाणित राजनीतिक विज्ञापन, प्रचार संदेश या मतदाताओं को प्रभावित करने वाला ऑडियो कॉल प्रसारित न हो। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया के लिए आवश्यक है कि मोबाइल कंपनियां भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का पूर्ण पालन करें।
तोमर ने आगे कहा कि सभी टेलीकॉम कंपनियां अपनी टेली मार्केटिंग सेवाएं देने वाली क्लाइंट कंपनियों को भी निर्देश दें कि वे चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन न करें। यदि कोई उम्मीदवार या उसका एजेंट किसी टेली मार्केटिंग कंपनी के माध्यम से बिना प्रमाणन के राजनीतिक संदेश प्रसारित करता है, तो उसके खिलाफ जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मतदान समाप्ति से पहले के 48 घंटे — जिसे ‘साइलेंस पीरियड’ कहा जाता है — में किसी पार्टी या उम्मीदवार के पक्ष में मोबाइल संदेशों के माध्यम से वोट मांगना पूरी तरह प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में मोबाइल ऑपरेटरों को शिकायत मिलने पर तत्काल रिपोर्ट तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने भी जयपुर में मोबाइल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर यह हिदायत दी कि सभी कंपनियां आयोग के दिशा-निर्देशों की सख्ती से पालना करें। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव प्रचार डिजिटल माध्यमों से नियंत्रित और पारदर्शी रहे, ताकि मतदाताओं तक केवल प्रमाणित और निष्पक्ष जानकारी ही पहुंचे।
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Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
