अंता विधानसभा उपचुनाव-2025: बाहरी नेताओं पर रोक, मतदान की तैयारी में सुरक्षा कड़ी
अंता विधानसभा उपचुनाव-2025 में बाहरी राजनैतिक व्यक्तियों पर 9 नवम्बर शाम से 11 नवम्बर शाम तक रोक, सुरक्षा और निगरानी कड़ी। जिला प्रशासन ने मतदान की तैयारियों को पूर्ण सुरक्षा और निष्पक्षता के साथ सुनिश्चित किया, पीले चावल और आमंत्रण पत्र से मतदाता जागरूक किए गए।

बारां। अंता विधानसभा क्षेत्र में 11 नवम्बर को होने वाले उपचुनाव को लेकर चुनावी तैयारियां पूरी गति से जारी हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी और कलक्टर रोहिताश्व सिंह तोमर ने शुक्रवार को स्पष्ट निर्देश जारी किए कि मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व से 9 नवम्बर की शाम 6 बजे से 11 नवम्बर शाम 6 बजे तक किसी भी बाहरी राजनीतिक व्यक्ति को विधानसभा क्षेत्र में नहीं ठहरने दिया जाएगा। यह प्रतिबंध उन राजनैतिक कार्यकर्ताओं पर लागू होगा जो उस निर्वाचन क्षेत्र के मतदाता या उम्मीदवार नहीं हैं और न ही सांसद या विधायक हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस दौरान पार्टी कार्यकर्ता, जुलूस या अभियान में शामिल सभी बाहरी लोग क्षेत्र में उपस्थित नहीं रह सकते हैं, क्योंकि उनकी उपस्थिति स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान के माहौल को प्रभावित कर सकती है। निर्वाचन क्षेत्र के होटल, लॉज, धर्मशाला, मैरिज हॉल तथा निजी आवासों में बाहरी व्यक्तियों की निगरानी के लिए विशेष गश्त दल तैनात किए गए हैं। क्षेत्र की सीमाओं पर स्थापित जांच चौकियों के माध्यम से बाहर से आने वाले वाहनों की आवाजाही पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। गैर-राजनैतिक व्यक्तियों को केवल उचित उद्देश्य प्रमाणित करने पर क्षेत्र में रहने की अनुमति दी जाएगी।
जिला अधिकारी ने बताया कि शराब, अवैध धन, कीमती धातु, मुफ्त उपहार वितरण और सामूहिक भोज पर भी चौकसी बरती जाएगी। मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व से सूखा दिवस रहेगा और इस दौरान सभी मदिरा दुकानों को बंद रखा जाएगा। आबकारी विभाग की टीमों द्वारा कच्ची बस्तियों में मदिरा वितरण पर भी सतत निगरानी की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक तैयारी की गई है। मतदान दिवस पर मतदान केंद्रों सहित संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा बल और पुलिस कर्मियों की तैनाती की समीक्षा की गई। जिला पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि क्षेत्र में एफएसटी और एसएसटी लगातार सक्रिय हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में चैक पोस्ट और नाकों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी की जाएगी।
लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126(1)(बी) के अनुसार टेलीविजन, सिनेमैटोग्राफ या किसी अन्य माध्यम से किसी भी चुनावी सामग्री का प्रदर्शन मतदान समाप्ति के 48 घंटे पूर्व तक प्रतिबंधित रहेगा। साथ ही प्रिंट मीडिया में 10 और 11 नवम्बर को प्रकाशित होने वाले राजनीतिक विज्ञापनों का प्रकाशन केवल पूर्व-अधिप्रमाणन के बाद ही किया जा सकेगा।
मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने अंता उपखंड मुख्यालय में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पीले चावल और आमंत्रण पत्र वितरित किए। व्यापारियों और नागरिकों से मतदान केंद्रों पर जाकर मतदान करने की अपील की गई। मतदान केंद्रों पर छाया, शीतल जल और दिव्यांगजन व बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि मतदान उत्सव के रूप में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो। बाहरी राजनीतिक हस्तियों पर रोक और सुरक्षा व्यवस्थाओं की व्यापक निगरानी इस उपचुनाव को सुचारू और सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम है।
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Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
