दुःख के बीच मानवता की मिसाल: कपिल मंत्री का नेत्रदान बना प्रेरक संदेश
बारां के कपिल मंत्री का निधन दुखदाई था, लेकिन उनके परिवार ने नेत्रदान का निर्णय लेकर मानवता और समाज सेवा की मिसाल पेश की। यह जिले का 78वां नेत्रदान और पिछले दो महीनों में आठवां नेत्रदान है, जिसे शाइन इंडिया फाउंडेशन और भारत विकास परिषद द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न किया गया।

बारां। तालाब पाड़ा क्षेत्र के 41 वर्षीय कपिल मंत्री का बीती रात अचानक हृदय गति रुकने से निधन हो गया। परिवार पर दुःख का पहाड़ टूटने के बावजूद मंत्री परिवार ने मानव सेवा का अद्भुत उदाहरण पेश किया और उनके नेत्रदान का निर्णय लेकर समाज में प्रेरक संदेश दिया।
शाइन इंडिया फाउंडेशन, बारां के संयोजक और भारत विकास परिषद के सचिव हितेश खंडेलवाल ने बताया कि कपिल मंत्री के देवलोकगमन की सूचना मिलते ही संस्था के ज्योति मित्र लोकेश पांचाल और सुलभा गुप्ता ने परिवार से नेत्रदान हेतु संपर्क किया। मंत्री परिवार, जो पहले भी अपने दिवंगत सदस्यों के नेत्रदान में सहभागी रहा है, ने इस बार भी उसी पावन परंपरा को निभाने का निर्णय लिया।
नेत्रदान के लिए पिता गोपाल मंत्री, माता संतोष मंत्री, पत्नी जयमाला, भाई नितिन और पुत्र दिव्यांश एवं न्यांश ने सहमति प्रदान की। सूचना मिलते ही शाइन इंडिया फाउंडेशन और बीबीजे चैप्टर के संयोजक डॉ. कुलवंत गौड़ कोटा से बारां पहुंचे और नेत्रदान की संपूर्ण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस प्रक्रिया में नवीन सोमानी, सत्यनारायण माहेश्वरी, गिर्राज महेश्वरी, बृजेन्द्र जोशी और रोहित गौतम सहित कई समाजसेवियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डॉ. कुलवंत गौड़ ने बताया कि बारां जिले में नेत्रदान का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और लोगों में जागरूकता लगातार बढ़ रही है। शाइन इंडिया फाउंडेशन द्वारा जल्द ही नेत्रदानी परिवारों के सम्मान में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। भारत विकास परिषद के अध्यक्ष नरेश खंडेलवाल ने बताया कि यह जिले का 78वां नेत्रदान है और पिछले दो महीनों में परिषद द्वारा संपन्न आठवां नेत्रदान है। परिषद नियमित रूप से नेत्रदान एवं नेत्र जांच शिविरों का आयोजन भी करती है। आगामी नेत्र जांच शिविर 7 दिसंबर को खंडेलवाल धर्मशाला, बारां में आयोजित किया जाएगा।
मंत्री परिवार का यह निर्णय समाज में सेवा, संवेदना और संस्कारों की सबसे उज्ज्वल मिसाल के रूप में सामने आया है, जो अन्य लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

Rajendra Sharma, Baran
नाम: राजेंद्र शर्मा
वर्तमान पद: संवाददाता | प्रांतीय प्रचार प्रमुख (भारत तिब्बत सहयोग मंच)
कार्यक्षेत्र: बारां (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): राजनीतिक, आपराधिक, समसामयिक, सामाजिक, धार्मिक, पर्यटक स्थल एवं ऐतिहासिक धरोहर
परिचय
राजेंद्र शर्मा राजस्थान के बारां क्षेत्र के एक अत्यंत वरिष्ठ और अनुभवी पत्रकार हैं। वह वर्तमान में संवाददाता के रूप में कार्य करने के साथ-साथ 'भारत तिब्बत सहयोग मंच' में प्रांतीय प्रचार प्रमुख का दायित्व भी संभाल रहे हैं। राजेंद्र शर्मा मुख्य रूप से राजनीतिक व आपराधिक मामलों, समसामयिक और सामाजिक विषयों सहित क्षेत्र के धार्मिक, पर्यटक स्थलों तथा ऐतिहासिक धरोहरों पर विशेष रूप से रिपोर्टिंग करते हैं।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
- राजेंद्र शर्मा वर्ष 1994 से पत्रकारिता के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। पिछले तीन दशकों से अधिक के अपने करियर में उन्होंने देश और राज्य के कई बड़े मीडिया संस्थानों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है:
- राजस्थान पत्रिका (1992–1994): सहायक संवाददाता के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की।
- दैनिक भास्कर (1996/97–2000): फाउंडर ब्यूरो चीफ के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाली।
- दैनिक नवज्योति (2000 से): लगभग 9 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं।
- दैनिक जननायक: 5 वर्षों तक नियमित कार्य किया।
- अन्य राष्ट्रीय व क्षेत्रीय समाचार पत्र: उन्होंने 'राष्ट्रदूत', कोटा के साप्ताहिक समाचार पत्र 'शिल्पांगी', तथा 1 वर्ष तक 'जनसत्ता' और 'हिंदुस्तान टाइम्स' में भी कार्य किया है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने वाणिज्य स्नातक (B.Com) की डिग्री हासिल की है।
