अनिल साहू, अजमेर। अजमेर जिला परिषद की अध्यक्ष श्रीमती सुशील कंवर पलाड़ा की अध्यक्षता में इस सप्ताह आयोजित जनसुनवाई में क्षेत्रवासियों की विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। बैठक में उपस्थित जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि प्राप्त परिवेदनाओं का तत्काल निस्तारण किया जाए तथा राज्य सरकार से संबंधित प्रकरणों को शीघ्र राज्य स्तर पर अग्रेषित किया जाए।

जनसुनवाई में आए अनेक नागरिकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएँ जिला प्रमुख के समक्ष रखीं। सबसे पहले जवाजा पंचायत समिति की ग्राम पंचायत अतीतमंड के सरपंच दुष्यंत सिंह चौहान ने बताया कि खनन विभाग, ब्यावर द्वारा पंचायत की 42 बीघा तथा 54 बीघा भूमि बाहरी व्यक्तियों को लीज पर दी गई थी। ग्रामवासियों के विरोध के कारण खनन कार्य प्रारंभ नहीं हुआ, लेकिन हाल ही में 27 बीघा अतिरिक्त भूमि भी नीलामी के माध्यम से लीज पर देने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। उन्होंने आशंका व्यक्त की कि यदि यह लीज लागू हो गई तो ग्रामवासी रोजगार से वंचित हो जाएंगे। जिला प्रमुख ने इस मामले में तत्काल जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसके बाद ग्राम कायड़ के निवासियों ने अपनी समस्या रखते हुए बताया कि कुम्हार समाज की 150 वर्ष पुरानी श्मशान भूमि अभी तक उनके नाम आवंटित नहीं की गई है। उपखंड अधिकारी को आवेदन देने के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। जिला प्रमुख ने इस भूमि के आवंटन प्रकरण को शीघ्र हल करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।

अजमेर निवासी गोविंद सिंह राठौड़ ने बताया कि उनकी पुत्रियों का आरटीई योजना के तहत प्रवेश ऑल सेंट गर्ल्स स्कूल, चंद्रवरदाई नगर में हुआ था, लेकिन चयन के पाँच माह बाद भी प्रवेश नहीं दिया गया। उन्होंने संबंधित शिक्षा अधिकारियों के विरुद्ध लापरवाही की शिकायत की, जिस पर जिला प्रमुख ने तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

ग्राम पंचायत नयागांव तहसील मसूदा के ग्रामीणों ने नरेगा कार्यों में भ्रष्टाचार की शिकायत की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नरेगा सहायक फिरोज खान, महिला सरपंच के ससुर मनफूल काठात और मेट लक्ष्मण सिंह द्वारा कार्यों में अनियमितताएँ कर लाखों रुपये का गबन किया गया है। जिला प्रमुख ने इस मामले की जांच उच्चाधिकारियों से करवाने के आदेश दिए।

इसी प्रकार सावर निवासी रणजीत कहार ने वृद्धा मानी देवी के पेंशन बंद होने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि मानी देवी चलने-फिरने में असमर्थ हैं और उनके फिंगरप्रिंट काम नहीं करते, जिससे केवाईसी नहीं हो पाई और पेंशन बंद हो गई। जिला प्रमुख ने तत्काल उनकी पेंशन पुनः चालू करवाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला परिषद सदस्य नाथूलाल नूवाद, पूर्व सदस्य नंदराम मूंड, जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि राजू फाफणा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी राम प्रकाश, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शिवदान सिंह, नरेगा लोकपाल सुरेश सिंधी, संयुक्त निदेशक एवं मुख्य आयोजना अधिकारी श्रीमती रूद्रा रेणु, महिला एवं बाल विकास उपनिदेशक श्रीमती मेघा रतन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के संयुक्त निदेशक जयप्रकाश चारण, कृषि विभाग की अतिरिक्त निदेशक श्रीमती अनुप्रिया यादव, अधिशासी अभियंता गिरीश कुमार झिरोता सहित शिक्षा, स्वच्छ भारत मिशन और अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

जनसुनवाई के समापन पर जिला प्रमुख पलाड़ा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध और पारदर्शी रूप से किया जाए ताकि आमजन को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है, जिससे समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित हो सके।

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Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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