ब्यावर के अग्निवीर युवराज सिंह का सैन्य सम्मान के साथ पैतृक गांव में अंतिम संस्कार
जम्मू-कश्मीर के अखनूर में शहीद हुए युवराज सिंह की पार्थिव देह ब्यावर पहुंची, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि।

ब्यावर के सैनिक विश्राम गृह में शहीद अग्निवीर युवराज सिंह की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि देते विधायक शंकर सिंह रावत और प्रशासनिक अधिकारी।
ब्यावर (प्रातःकाल संवाददाता)। मातृभूमि की रक्षार्थ जम्मू-कश्मीर के अखनूर में अपना बलिदान देने वाले ब्यावर जिले के जवाजा थाना क्षेत्र स्थित लगेतखेड़ा निवासी अग्निवीर युवराज सिंह (24) शुक्रवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। शहीद युवराज सिंह की पार्थिव देह शुक्रवार को ब्यावर पहुंचने पर संपूर्ण क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। राजकीय सम्मान के साथ वीर सपूत का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में संपन्न हुआ।
शहीद की पार्थिव देह को सर्वप्रथम छावनी रोड स्थित सैनिक विश्राम गृह लाया गया, जहाँ उसे सुसज्जित सैन्य ट्रक में रखा गया। इस दौरान विधायक शंकर सिंह रावत, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल मानवेंद्र सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर ब्रह्मलाल जाट, तहसीलदार हनुंत सिंह रावत, पुलिस वृताधिकारी राजेश कुमार कसाना एवं पूर्व विधायक देवीशंकर भूतड़ा सहित बड़ी संख्या में भूतपूर्व सैनिकों ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धा सुमन भेंट किए।
विश्राम गृह से शहीद की अंतिम यात्रा उनके पैतृक गांव लगेतखेड़ा के लिए रवाना हुई। हाथों में तिरंगा थामे युवाओं और ग्रामीणों के हुजूम ने 'भारत माता की जय' और 'युवराज सिंह अमर रहे' के गगनभेदी नारों से पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। विदित रहे कि प्रताप सिंह रावत के पुत्र युवराज सिंह बुधवार को अखनूर में शहीद हुए थे। गौरवपूर्ण तथ्य यह है कि मात्र तीन माह पश्चात ही उनकी भारतीय थल सेना में सैनिक के रूप में स्थायी नियुक्ति होने वाली थी, किंतु नियति ने उन्हें राष्ट्र सेवा के सर्वोच्च शिखर पर बैठा दिया।

