डॉ. अभिषेक शर्मा को पीएचडी की उपाधि, टोंक के न्यायिक क्षेत्र में हर्ष
वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. अभिषेक शर्मा ने राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली पर शोध कर श्याम विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की है।

टोंक जिले के वरिष्ठ अधिवक्ता और समाज सेवी डॉ. अभिषेक शर्मा, जिन्हें हाल ही में श्याम विश्वविद्यालय द्वारा विधि क्षेत्र में शोध के लिए पीएचडी प्रदान की गई है।
टोंक। राजस्थान के टोंक जिले के तेज-तर्रार वरिष्ठ अधिवक्ता एवं प्रख्यात समाजसेवी डॉ. अभिषेक शर्मा ने विधि के क्षेत्र में अपनी अनूठी योग्यता का परिचय देते हुए पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर सफलता के नए आयाम स्थापित किए हैं। डॉ. शर्मा को यह डॉक्टरेट उपाधि श्याम विश्वविद्यालय, दौसा द्वारा उनके शोध कार्य के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर प्रदान की गई है। उन्होंने अपना यह महत्वपूर्ण शोध "राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण: कार्यप्रणाली एवं उपयोगिता का सामाजिक परिप्रेक्ष्य में एक आनुभाविक अध्ययन (विशेषतः टोंक जिले के संदर्भ में)" विषय पर पूर्ण किया।
डॉ. अभिषेक शर्मा ने यह शैक्षणिक उपलब्धि शोध निर्देशक एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. फूल चंद सैनी के कुशल निर्देशन में हासिल की। अपने शोध के दौरान डॉ. शर्मा ने विधिक सेवा प्राधिकरण की वर्तमान कार्यप्रणाली और संचालित योजनाओं की गहन पड़ताल करते हुए उनकी सूक्ष्म खामियों को प्रमुखता से उजागर किया है। उन्होंने अपने निष्कर्षों में विशेष रूप से एलएडीसी (LADC) स्कीम को निष्प्रभावी बताते हुए इसे वकीलों के बीच संगठनात्मक बिखराव का एक मुख्य कारण करार दिया। प्राधिकरण की सामाजिक उपयोगिता को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से डॉ. शर्मा ने सुझाव दिया है कि विधिक सेवा प्राधिकरण को भी पुलिस थानों और चिकित्सालयों की तर्ज पर 24 घंटे क्रियाशील रखा जाना चाहिए, ताकि आमजन को हर समय त्वरित विधिक सहायता उपलब्ध हो सके।
उल्लेखनीय है कि डॉ. अभिषेक शर्मा पूर्व में भी सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अपने उल्लेखनीय योगदान के लिए विश्व मानवाधिकार सुरक्षा आयोग द्वारा डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजे जा चुके हैं। वर्तमान में वह जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, टोंक के सम्मानित सदस्य के रूप में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। विधि के क्षेत्र में इस उच्च शैक्षणिक उपलब्धि पर जिला उपभोक्ता आयोग के अधिकारियों व कर्मचारियों सहित जिला अभिभाषक संघ, टोंक के अधिवक्ताओं ने गहरा हर्ष व्यक्त किया है। सभी ने डॉ. शर्मा को इस गौरवपूर्ण उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की है। यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत करियर बल्कि टोंक के न्यायिक जगत के लिए भी एक प्रेरक मील का पत्थर साबित होगी।

