डीग। जिले में साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन एंटीवायरस 2.0 के तहत पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। कैथवाडा थाना पुलिस ने ओलन्दा पहाड़ की तलहटी में छापा मारकर चार साइबर ठगों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरोह सेक्सटॉर्शन और ऑनलाइन ठगी जैसे गंभीर अपराधों में लिप्त था।

बुधवार शाम को प्राप्त जानकारी के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राशिद पुत्र रिशाल (25) निवासी खेड़ा, अब्बास पुत्र अजरु (22) निवासी कुलियाना, यूनुस पुत्र शरीफ (19) निवासी नांगल और साजिद पुत्र शहीद (20) निवासी नांगल के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपी थाना कैथवाडा क्षेत्र के रहने वाले हैं। वहीं, एक अन्य आरोपी सचिन जाटव निवासी भुआपुरगढ़ी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है।

पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। जब्त किए गए सामान में छह मोबाइल फोन, सात सिम कार्ड, दस एटीएम कार्ड, एक पासबुक, एक चेकबुक तथा दो मोटरसाइकिलें — स्प्लेंडर प्लस और अपाचे — शामिल हैं। जांच में सामने आया कि ये मोटरसाइकिलें साइबर ठगी से अर्जित धन से खरीदी गई थीं।

प्रारंभिक पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक और व्हाट्सएप पर फर्जी आईडी बनाकर लोगों से संपर्क करते थे। वे अनजान लोगों को फंसाने के लिए अश्लील चैटिंग और वीडियो कॉल करते थे, और फिर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे की मांग करते थे। पुलिस के अनुसार यह गिरोह सेक्सटॉर्शन और ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड दोनों में सक्रिय था। आरोपी कम दाम पर इलेक्ट्रॉनिक या अन्य वस्तुएं बेचने का झांसा देकर पीड़ितों से अग्रिम भुगतान लेते और फिर मोबाइल नंबर बंद कर देते थे।

इन साइबर अपराधों को अंजाम देने के लिए आरोपी फर्जी सिम कार्ड और बैंक खातों का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने बताया कि गिरोह के पास से मिले बैंक दस्तावेजों और डिजिटल डेटा की जांच की जा रही है ताकि इनके नेटवर्क और पीड़ितों की पहचान की जा सके।

इस मामले में थाना कैथवाडा में केस संख्या 179/2025 दर्ज किया गया है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023) की धाराएं 308(2), 303(2), 317(2), 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2)(क) सहित आईटी एक्ट की धाराएं 66डी, 66ई और 67 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच थानाधिकारी गोपालगढ़ मनीष कुमार शर्मा को सौंपी गई है।

डीग पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में ऑपरेशन एंटीवायरस 2.0 के तहत लगातार कार्रवाई जारी है, ताकि साइबर अपराधियों को जड़ से समाप्त किया जा सके। ओलन्दा पहाड़ से गिरफ्तार यह गिरोह पिछले कई महीनों से ऑनलाइन ठगी और सेक्सटॉर्शन की घटनाओं में सक्रिय था, जिसकी जानकारी कई राज्यों तक फैली है।

पुलिस अब आरोपियों के डिजिटल लेन-देन और नेटवर्क कनेक्शन की जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच से संकेत मिले हैं कि यह गिरोह राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में साइबर अपराधों में संलिप्त रहा है।

Updated On
Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

Next Story