महिला सुरक्षा संकल्प अभियान: 260 विद्यालयों-महाविद्यालयों के हजारों विद्यार्थियों से ऑनलाइन संवाद, साइबर सुरक्षा का दिया संदेश
निम्बाहेडा में महिला सुरक्षा संकल्प अभियान के तहत 260 विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को ऑनलाइन जोड़कर हजारों विद्यार्थियों को महिला व साइबर सुरक्षा की जानकारी दी गई।

तस्वीर में कॉन्फ्रेंस हॉल में बैठे पुलिस अधिकारी और अन्य प्रतिभागी स्क्रीन पर चल रही प्रेजेंटेशन को देखते हुए नजर आ रहे हैं।
पुलिस मुख्यालय, राजस्थान जयपुर के निर्देशानुसार संचालित "महिला सुरक्षा संकल्प – Safety and Dignity for Every Woman" अभियान के तहत जिलेभर में महिला सुरक्षा एवं जागरूकता को लेकर ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों, सरकारी योजनाओं, हेल्पलाइन सेवाओं तथा साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।
जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक SIUCAW श्री अशोक कुमार के निर्देशन में जिले के राजकीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं के साथ ऑनलाइन संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान जेंडर सेंसिटाइजेशन, महिला सुरक्षा कानूनों, आत्मरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, ऑनलाइन हेल्पलाइन सेवाओं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेष रूप से जिले के 260 राजकीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों को ऑनलाइन वेब प्लेटफॉर्म के माध्यम से जोड़कर हजारों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों से संवाद स्थापित किया गया।
ऑनलाइन संवाद के दौरान महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव, महिला एवं बाल संरक्षण संबंधी कानूनों, हेल्पलाइन सेवाओं तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी साझा की गई। साथ ही प्रतिभागियों के प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें किसी भी प्रकार की आपात स्थिति अथवा अपराध की सूचना तत्काल पुलिस एवं संबंधित हेल्पलाइन पर देने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सभी प्रतिभागियों ने "महिला सुरक्षा संकल्प" लेते हुए महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं समान अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव जागरूक रहने तथा सुरक्षित एवं संवेदनशील समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा केवल पुलिस की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जागरूकता, सतर्कता एवं सामुदायिक सहयोग से ही महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को महिला गरिमा हेल्पलाइन-1090, साइबर हेल्पलाइन-1930, आपातकालीन सेवा-112, वन स्टॉप सेंटर, गुड टच-बैड टच, कालिका पेट्रोलिंग यूनिट, महिला शक्ति आत्मरक्षा प्रशिक्षण योजना, महिला बीट अधिकारी योजना, राजकॉप ऐप, पॉक्सो ई-बॉक्स, शी-बॉक्स तथा साइबर सुरक्षा के Do's & Don'ts के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें सोशल मीडिया का सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग करने, साइबर ठगी से बचने तथा किसी भी प्रकार के अपराध की सूचना बिना संकोच पुलिस को देने के लिए जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कालिका टीम ने बालिकाओं को आत्मरक्षा का महत्व बताते हुए विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की सुरक्षा करने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी तथा उन्हें आत्मविश्वास के साथ प्रत्येक परिस्थिति का सामना करने के लिए प्रेरित किया। वहीं यूनिसेफ राजस्थान की राज्य स्तरीय बाल संरक्षण सलाहकार श्रीमती सिंधु बिनुजीत ने बच्चों की सुरक्षा, उनके अधिकारों एवं सुरक्षित वातावरण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बाल विवाह, बाल श्रम, हिंसा, शोषण तथा साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल परिवार या पुलिस की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव जागरूक रहने तथा सुरक्षित, सम्मानजनक एवं अपराधमुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय सहयोग देने का संकल्प लिया। जिला पुलिस ने बताया कि "महिला सुरक्षा संकल्प" अभियान के अंतर्गत आगामी दिनों में भी जिलेभर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा, अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया जाता रहेगा।

Pratahkal Bureau
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