पुणे में श्री महालक्ष्मी मंदिर, सारसबाग की ओर से समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली महिलाओं को ‘नारी तू नारायणी’ सम्मान देकर गौरवान्वित किया गया। अंतरराष्ट्रीय फेरारी महिला रेसर डायना पंडोल, सोल्जर्स इंडिपेंडेंट रिहैबिलिटेशन फाउंडेशन की संस्थापक सुमेधा चिथडे और सामाजिक कार्यकर्ता सत्यभामा देशमाने को श्री महालक्ष्मी मंदिर में सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महिला शक्ति, राष्ट्रसेवा और समाजोपयोगी कार्यों के महत्व पर जोर दिया गया। साथ ही दशहरे के अवसर पर श्री महालक्ष्मी देवी को सोने की साड़ी पहनाने और रात 9.30 बजे भव्य रावण दहन कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी की गई है।

श्री महालक्ष्मी मंदिर, सारसबाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में महापौर मंजुषा नागपुरे, ट्रस्ट की विश्वस्त एवं उत्सव प्रमुख डॉ. तृप्ति अग्रवाल, विश्वस्त भरत अग्रवाल, एडवोकेट प्रताप परदेशी और प्रवीण चोरबेले सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के बाद उपस्थित अतिथियों के हाथों देवी की आरती की गई।

महापौर मंजुषा नागपुरे ने कहा कि अनेक महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में समाजोपयोगी कार्य करती हैं। उनके कार्यों को समाज के सामने लाकर सम्मानित करना एक अलग तरह की पहल है। इससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि संगठन और शक्ति के माध्यम से राष्ट्रहित में कार्य किया जाना चाहिए।

सम्मान के जवाब में सुमेधा चिथडे ने कहा कि राष्ट्रभक्ति, सेवा और प्रेम की भावना के साथ देश के लिए काम करना चाहिए। लोग हमेशा त्योहारों की खुशियों में शामिल होते हैं, लेकिन इस दौरान जवानों को भी याद रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम कितना पैसा कमाते हैं, इससे अधिक महत्वपूर्ण यह है कि जवानों के लिए कितना योगदान देते हैं। समाज के सभी जरूरतमंद वर्गों के लिए काम किया जाता है, लेकिन जिन जवानों की वजह से हम सुरक्षित हैं, उनका सम्मान बनाए रखने के लिए भी पहल करनी चाहिए। उन्होंने आत्मकेंद्रित होने के बजाय राष्ट्रकेंद्रित बनने की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

सामाजिक कार्यकर्ता सत्यभामा बाबाराव देशमाने ने अपने संबोधन में जीवन के कठिन संघर्षों और अपने सफर के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन युवराज लाहोटी ने किया।

इस बीच, दशहरे के अवसर पर मंगलवार, 20 अक्टूबर को श्री महालक्ष्मी देवी को सोने की साड़ी पहनाई जाएगी। देवी को लगभग 2 किलो सोने से तैयार रत्नजड़ित मुकुट पहले ही धारण कराया जा चुका है। पूरे नवरात्रोत्सव के दौरान भक्तों को इस मुकुट के दर्शन करने का अवसर मिला और दशहरे के दिन भी यह अवसर जारी रहेगा।

दशहरे की रात 9.30 बजे भव्य रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। विश्वकर्मा विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने रावण की भव्य प्रतिकृति तैयार की है। महिला सम्मान समारोह, देवी के विशेष श्रृंगार और रावण दहन कार्यक्रम के साथ श्री महालक्ष्मी मंदिर में दशहरे का आयोजन किया जाएगा।

Pratahkal Newsroom

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