नीट-यूजी 2026 की प्रश्नपत्र लीक मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पुणे के चाय विक्रेता शेषराव बजरंग सूर्यवंशी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। उस पर विद्यार्थियों को कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने में शामिल होने का आरोप है। इस मामले में उसे 2 सितंबर को हिरासत में लिया गया था। वह इस प्रकरण में गिरफ्तार किया गया 14वां आरोपी है।

अप्रैल में पुणे में एक निजी कोचिंग संस्थान के बाहर स्थित चाय की दुकान पर दो परीक्षार्थी परीक्षा की तैयारी को लेकर चर्चा कर रहे थे। इसी दौरान सूर्यवंशी ने उनसे संपर्क किया। आरोप है कि उसने दोनों विद्यार्थियों से कहा कि उसका एक परिचित 'डॉक्टर' उन्हें प्रश्नपत्र उपलब्ध करा सकता है, लेकिन इसके लिए प्रत्येक विद्यार्थी को 4.5 लाख रुपये देने होंगे।

28 अप्रैल को सूर्यवंशी दोनों विद्यार्थियों को नासिक के पंचक गांव स्थित एक मकान में ले गया। वहां अन्य आठ विद्यार्थियों के साथ इन दोनों को भी नीट-यूजी परीक्षा के कथित तौर पर लीक हुए प्रश्न दिए गए। जांच से सामने आई जानकारी के अनुसार, विद्यार्थियों ने तीन से चार दिन तक इन प्रश्नों का अध्ययन किया।

सीबीआई की जांच के अनुसार, सूर्यवंशी ने पंचक स्थित मकान में लाए गए कम से कम 10 विद्यार्थियों के मूल दस्तावेज और शैक्षणिक प्रमाणपत्र पैसे देने की गारंटी के तौर पर अपने पास रख लिए थे। 2 मई को जब विद्यार्थियों को मकान से जाने की अनुमति दी गई, तब उनसे कथित तौर पर लीक हुए प्रश्नों से संबंधित दस्तावेज वापस करने को कहा गया।

हालांकि, जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एक विद्यार्थी ने सभी प्रश्नों को अपने मोबाइल फोन में चुपके से स्कैन करके सुरक्षित रख लिया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद सूर्यवंशी ने एक विद्यार्थी से तीन लाख रुपये मांगे। उस विद्यार्थी की मां ने अपने गहने गिरवी रखकर सूर्यवंशी को पैसे दिए। उसने एक अन्य विद्यार्थी से भी पैसे मांगे, लेकिन उस विद्यार्थी ने टालमटोल करते हुए भुगतान नहीं किया।

इस मामले में एक अन्य आरोपी शुभम खैरनार करियर काउंसलर है। जांच में सामने आया कि उसने नांदेड़ के शैक्षणिक सलाहकार नागेश नानाराव धांडे से संपर्क किया था। खैरनार ने धांडे से विद्यार्थियों की परीक्षा से पहले की तैयारी के लिए चार दिन तक ठहरने की व्यवस्था करने का अनुरोध किया था। इसके लिए उसने 75 हजार रुपये देने की पेशकश की थी। इसके बाद पंचक में एक किराना दुकानदार के खाली भूतल पर विद्यार्थियों के ठहरने की व्यवस्था की गई।

सीबीआई की जांच के अनुसार, खैरनार ने धांडे को प्रश्नों वाली कई पीडीएफ फाइलें भेजी थीं। इनमें जीवविज्ञान और रसायन विज्ञान के 550 से अधिक प्रश्न शामिल थे। धांडे ने इन प्रश्नों के आठ सेट छपवाए। बाद में भौतिकी के प्रश्नों वाली पीडीएफ फाइल मिलने पर भी इसी प्रक्रिया को दोहराया गया।

इस मामले में विद्यार्थियों को कथित लीक प्रश्न उपलब्ध कराने, उनके ठहरने की व्यवस्था करने और प्रश्नों की पीडीएफ फाइलों के प्रिंटआउट तैयार कराने से जुड़ी गतिविधियां जांच के दायरे में हैं। शेषराव बजरंग सूर्यवंशी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल होने के साथ ही नीट-यूजी 2026 प्रश्नपत्र लीक प्रकरण में सीबीआई की कार्रवाई आगे बढ़ी है।

Pratahkal Newsroom

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