छोटीसादड़ी में लोकतंत्र का गला घोंटा गया? स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अनशन पर बैठे मनीष उपाध्याय को पुलिस ने जबरन उठाया
छोटीसादड़ी में स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली हेतु आमरण अनशन पर बैठे मनीष उपाध्याय को पुलिस ने चौथे दिन जबरन उठाकर एम्बुलेंस में डाल दिया। पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई और अनशन स्थल से भगत सिंह की तस्वीर हटाए जाने पर जनआक्रोश भड़क उठा है। जनता ने इसे लोकतंत्र की हत्या और सरकार का हिटलरशाही रवैया करार दिया है। क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

छोटीसादड़ी। राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के छोटीसादड़ी उपखण्ड में रविवार को उस वक्त तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता मनीष उपाध्याय को पुलिस ने भारी बल प्रयोग के साथ जबरन उठा लिया। अनशन के चौथे दिन हुई इस कार्रवाई ने क्षेत्र के नागरिकों में जबरदस्त रोष भर दिया है। समूचा अस्पताल परिसर छावनी में तब्दील हो गया और प्रशासन की इस कार्यप्रणाली को स्थानीय लोगों ने 'हिटलरशाही' करार दिया है।
क्षेत्र के चिकित्सालय में चिकित्सकों के रिक्त पदों को भरने की मांग को लेकर मनीष उपाध्याय पिछले चार दिनों से अनशन पर थे। उनकी इस मुहिम की पृष्ठभूमि पिछले तीन महीनों से तैयार हो रही थी, जिसके दौरान उन्होंने लगातार ज्ञापन और पत्राचार के माध्यम से सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर खींचने का प्रयास किया। जब व्यवस्था की नींद नहीं टूटी, तो उन्होंने गांधीवादी तरीके से सत्याग्रह का मार्ग चुना।
रविवार शाम करीब 5 बजे घटनाक्रम ने तब नाटकीय मोड़ ले लिया जब पुलिस उपाधीक्षक (डिप्टी) गजेंद्र सिंह और थानाधिकारी (सीआई) प्रवीण टांक भारी पुलिस बल के साथ अनशन स्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने उपाध्याय को अनशन समाप्त करने के लिए मनाने का प्रयास किया, किंतु मनीष अपने संकल्प पर अडिग रहे। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि जिला कलेक्टर या मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) लिखित में चिकित्सकों की नियुक्ति का आश्वासन देते हैं, तो वे तत्काल अनशन त्याग देंगे।
प्रशासन और अनशनकारी के बीच वार्ता विफल होते ही पुलिस ने रणनीतिक कार्रवाई शुरू की। स्वास्थ्य जांच का हवाला देते हुए पुलिसकर्मियों ने मनीष उपाध्याय को जबरन उठाकर एम्बुलेंस में डाल दिया। इस दौरान वहां मौजूद समर्थकों ने तीखा विरोध किया, जिसे पुलिसिया दबाव के आगे कुचल दिया गया। एम्बुलेंस की खिड़की से मनीष ने आक्रोशित स्वर में कहा कि राजनीतिक दबाव के चलते उनकी आवाज को दबाया जा रहा है और यह कृत्य सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।
पुलिस की कार्रवाई केवल अनशनकारी को हटाने तक ही सीमित नहीं रही। मौके से शहीद-ए-आजम भगत सिंह की तस्वीर हटा दी गई और धरना स्थल के टेंट को उखाड़ फेंका गया। इस दृश्य को देख उपस्थित जनसमूह का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने सरकार व जनप्रतिनिधियों के विरुद्ध जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सरकार जनहित की मांगों को पूरा करने के बजाय आंदोलनों को कुचलने के लिए औपनिवेशिक मानसिकता का परिचय दे रही है। फिलहाल क्षेत्र में माहौल बेहद संवेदनशील बना हुआ है और प्रशासन के इस कदम ने व्यवस्था की संवेदनशीलता पर गहरे सवालिया निशान लगा दिए हैं।

Shelendra Singh Yadav(Pratapgarh)
नाम: शैलेन्द्र सिंह यादव (Shelendra Singh Yadav)
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: छोटीसादड़ी, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान)
अनुभव: 10 वर्षों से अधिक
परिचय
शैलेन्द्र सिंह यादव राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले छोटीसादड़ी क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर सामाजिक, धार्मिक एवं जमीनी हकीकत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां और समाचार एकत्रित कर उन्हें प्रकाशित करने का कार्य करते हैं।
बीट और कवरेज (Beats & Coverage)
वह अपने कार्यक्षेत्र से निम्नलिखित सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं:
- राजनीति: स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव और जनप्रतिनिधियों से जुड़े समाचार।
- क्राइम: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और अपराध से संबंधित मामले।
- प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय और विकास कार्य।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य: क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था, चिकित्सा सेवाएं और सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं।
- बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduate) की डिग्री हासिल की
