छोटीसादड़ी में विश्राम घाट निर्माण विवाद: नगरवासियों ने रोक के लिए ज्ञापन सौंपा
छोटीसादड़ी में मोक्षधाम मार्ग पर प्रस्तावित नवीन विश्राम घाट के निर्माण को लेकर नगरवासियों ने उपखंड अधिकारी यतिंद्र पोरवाल और तहसीलदार राजकुमार सारेल को ज्ञापन सौंपा। नगरवासियों ने धार्मिक आस्था के खिलाफ निर्माण रोकने, विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने और नगर के प्रमुख हिंदू संगठनों की राय लेने की मांग की।

छोटीसादड़ी। नगर के मोक्षधाम मार्ग पर प्रस्तावित नवीन विश्राम घाट के निर्माण को लेकर नगरवासियों ने तीव्र आपत्ति जताई है। उन्होंने उपखंड अधिकारी यतिंद्र पोरवाल के नाम तहसीलदार राजकुमार सारेल को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि यह निर्माण तत्काल प्रभाव से रोका जाए और हिंदू धर्म एवं स्थानीय आस्था के विरुद्ध किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाए।
ज्ञापन में नगरवासियों ने बताया कि मोक्षधाम मार्ग पर स्थित वर्तमान विश्राम घाट जर्जर अवस्था में है और इसके पुनर्निर्माण की मांग को लेकर पहले भी कई बार आंदोलन किए जा चुके हैं। इसके बावजूद कुछ नेता और भूमाफिया क्षेत्र की भूमि का मूल्य बढ़ाने के उद्देश्य से पुराने विश्राम घाट को हटाने का प्रयास कर रहे हैं।
नगरवासियों का आरोप है कि तहसीलदार राजकुमार सारेल के निर्देश पर तैयार की गई तथ्यात्मक रिपोर्ट अपूर्ण है। रिपोर्ट में केवल यह दर्शाया गया है कि विश्राम घाट सड़क पर स्थित है, जबकि मौके की नपती रिपोर्ट, सड़क की वास्तविक चौड़ाई, मास्टर प्लान के अनुरूप उपयोग और अतिक्रमण की स्थिति को शामिल नहीं किया गया।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी द्वारा पूर्व में बिना किसी लिखित आदेश के श्मशान की दीवार तोड़ दी गई थी, जिससे नगर में अशांति फैल गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। नगरवासियों ने चेतावनी दी कि यदि पुराना विश्राम घाट सड़क भूमि पर होने के कारण प्रतिबंधित माना गया, तो प्रस्तावित विश्राम घाट भी श्मशान भूमि पर निर्माणाधीन है, जहां रैगर समाज का स्नानघर स्थित है। यह न केवल श्मशान भूमि पर निर्माण निषेध के नियमों का उल्लंघन है, बल्कि अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम का भी हनन है।
नगरवासियों ने यह भी बताया कि हिंदू धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं के अनुसार विश्राम घाट सदैव श्मशान स्थल से कुछ दूरी पर, पहुंच मार्ग पर ही बनाए जाते हैं। यदि प्रस्तावित विश्राम घाट श्मशान भूमि के भीतर बनाया गया, तो यह हिंदू समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाएगा और नगर की शांति भंग होने की आशंका है।
ज्ञापन में नगरवासियों ने मांग की कि प्रस्तावित विश्राम घाट का निर्माण तत्काल प्रभाव से रोका जाए, श्मशान भूमि की सीमा, पहुंच मार्ग की चौड़ाई और मास्टर प्लान के अनुरूप विस्तृत रिपोर्ट तैयार करवाई जाए और नगर के प्रमुख हिंदू संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों की राय लेकर ही आगे की कार्रवाई की जाए। साथ ही नगर पालिका को अपूर्ण तथ्यात्मक रिपोर्ट के आधार पर किसी भी निर्माण कार्य से रोकने के निर्देश दिए जाएं।
इस ज्ञापन से यह स्पष्ट होता है कि छोटीसादड़ी नगर में धार्मिक आस्था और नगर नियोजन के बीच संतुलन बनाए रखना एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है। नगरवासियों की मांग और धार्मिक परंपराओं के दृष्टिकोण से प्रस्तावित विश्राम घाट का निर्माण केवल प्रशासनिक और कानूनी दृष्टि से नहीं, बल्कि सामाजिक स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है।

Shelendra Singh Yadav(Pratapgarh)
नाम: शैलेन्द्र सिंह यादव (Shelendra Singh Yadav)
वर्तमान पद: संवाददाता (प्रातःकाल)
कार्यक्षेत्र: छोटीसादड़ी, जिला प्रतापगढ़ (राजस्थान)
अनुभव: 10 वर्षों से अधिक
परिचय
शैलेन्द्र सिंह यादव राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले छोटीसादड़ी क्षेत्र के संवाददाता हैं। वह मुख्य रूप से स्थानीय स्तर पर सामाजिक, धार्मिक एवं जमीनी हकीकत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां और समाचार एकत्रित कर उन्हें प्रकाशित करने का कार्य करते हैं।
बीट और कवरेज (Beats & Coverage)
वह अपने कार्यक्षेत्र से निम्नलिखित सभी प्रमुख विषयों पर नियमित रूप से रिपोर्टिंग करते हैं:
- राजनीति: स्थानीय राजनीतिक घटनाक्रम, चुनाव और जनप्रतिनिधियों से जुड़े समाचार।
- क्राइम: पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था और अपराध से संबंधित मामले।
- प्रशासन: सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली, प्रशासनिक निर्णय और विकास कार्य।
- शिक्षा एवं स्वास्थ्य: क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था, चिकित्सा सेवाएं और सरकारी स्वास्थ्य योजनाएं।
- बिज़नेस: स्थानीय बाजार, व्यापारिक गतिविधियां और आर्थिक मुद्दे।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा में स्नातक (Graduate) की डिग्री हासिल की
