जयपुर। प्रदेश के सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में नर्सिंग, फार्मासिस्ट और पैरामेडिकल स्टाफ की लगातार कमी के मद्देनजर राजस्थान संयुक्त मोर्चा संघर्ष समिति ने प्रदेशव्यापी स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर स्थिति को उजागर किया। समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन राजस्व मंत्री हेमंत मीणा को सौंपते हुए भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने की मांग दोहराई।

समिति के नेताओं ने बताया कि बजट 2024-25 में सरकार ने नर्सिंग, फार्मासिस्ट और अन्य पैरामेडिकल संवर्ग के हजारों पदों पर भर्ती की घोषणा की थी। बावजूद इसके, अब तक भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं होने से बेरोजगार युवाओं में निराशा और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी की समस्या गहराती जा रही है। ज्ञापन में 10 से 15 हजार रिक्त पदों पर पारदर्शी, समयबद्ध और शीघ्र भर्ती प्रक्रिया की अपील की गई है।

इसके अलावा, लंबे समय से संविदा के रूप में सेवाएं देने वाले कार्मिकों को भर्ती में प्राथमिकता देने, उनके अनुभव का वेटेज देने तथा वेतन और सेवा शर्तों में सुधार करने की मांग भी शामिल थी। समिति ने चेतावनी दी कि यदि संबंधित विभाग शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेता है, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।

राजस्व मंत्री हेमंत मीणा ने ज्ञापन प्राप्त कर इसे संबंधित विभागों तक पहुंचाने और उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ माने जाने वाले नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती और स्थिति में सुधार न होने से जनसेवा पर गंभीर असर पड़ रहा है।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story