प्रतापगढ़ में गूंजा भक्ति का शंखनाद: जगद्गुरु रामानंदाचार्य की 726वीं जयंती पर बैरागी समाज ने निकाली भव्य शोभायात्रा
प्रतापगढ़ में जगद्गुरु रामानंदाचार्य की 726वीं जयंती पर बैरागी समाज द्वारा भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। राजराजेश्वरी मंदिर से बगवास तक निकली इस यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, पुष्पवर्षा और जयघोषों से गूंजा शहर। प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र दास और महंत सेवक दास सहित प्रमुख संतों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को बनाया ऐतिहासिक।

प्रतापगढ़। धर्मनगरी प्रतापगढ़ के गलियारे शुक्रवार को उस समय भगवा रंग में सराबोर हो उठे, जब बैरागी समाज द्वारा जगद्गुरु रामानंदाचार्य की 726वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक अभूतपूर्व और भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। भक्ति, शक्ति और सांस्कृतिक चेतना के इस महासंगम ने न केवल श्रद्धालुओं के हृदय को छुआ, बल्कि पूरे शहर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। श्रद्धा के सैलाब और जयघोषों की गूंज के बीच निकली इस यात्रा ने एकता और परंपरा की एक नई इबारत पेश की है।
इस दिव्य आयोजन का शुभारंभ धमोत्तर दरवाजा के बाहर स्थित ऐतिहासिक राजराजेश्वरी मंदिर से हुआ। जैसे ही शोभायात्रा ने प्रस्थान किया, हाथों में भगवा ध्वज थामे पुरुष और पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं के हुजूम ने एक अलौकिक दृश्य उपस्थित कर दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप और बैंड-बाजों की मधुर स्वरलहरियों के बीच जब श्रद्धालुओं ने धार्मिक जयकारे लगाए, तो समूचा वातावरण भक्तिमय हो गया। यह शोभायात्रा नगर के प्रमुख हृदय स्थलों—गोपालगंज, गांधी चौराहा, पिपली चौक और सदर बाजार से होती हुई गुजरी, जहाँ नगरवासियों ने पलक-पावड़े बिछाकर और पुष्पवर्षा कर इस यात्रा का आत्मीय स्वागत किया।
इस धार्मिक महोत्सव की गरिमा को बढ़ाने के लिए बैरागी समाज के शीर्ष नेतृत्व और संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र दास एवं प्रदेश उपाध्यक्ष महंत सेवक दास उपस्थित रहे, जिन्होंने समाज को एकजुटता का संदेश दिया। वहीं, विशिष्ट अतिथि के रूप में नौगांव (मंदसौर) से आए प्रख्यात भागवत आचार्य बाल संत कनक वैष्णव और रेवास देवड़ा (मंदसौर) के कथा प्रवक्ता पंडित जीवन कृष्ण वैष्णव की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक आध्यात्मिक गहराई प्रदान की।
शोभायात्रा का समापन बगवास स्थित वैष्णव समाज मांगलिक भवन में हुआ, जहाँ विधिवत महाआरती का आयोजन किया गया। आरती के पश्चात उपस्थित जनसमूह को भोजन प्रसादी वितरित की गई। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान मात्र था, बल्कि इसने बैरागी समाज की अटूट आस्था और अपनी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को अक्षुण्ण रखने के संकल्प को भी प्रदर्शित किया। आयोजन की सफलता ने यह सिद्ध कर दिया कि आधुनिकता के दौर में भी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक मूल्य समाज की नींव को मजबूती प्रदान कर रहे हैं।

Dilip Sen, Pratapgarh
नाम: दिलीप सेन
वर्तमान पद: रिपोर्टर, जिला मुख्यालय (प्रातः काल)
कार्यक्षेत्र: प्रतापगढ़ जिला (राजस्थान)
बीट (मुख्य विषय): क्राइम, राजनीति, और धर्म-कर्म
परिचय
दिलीप सेन राजस्थान के प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय पर रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। वह मुख्य रूप से प्रतापगढ़ जिले और जिला मुख्यालय से जुड़े आपराधिक मामलों (क्राइम), स्थानीय राजनीति और धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों (धर्म-कर्म) की खबरों को कवर करते हैं। इन विषयों में उनकी विशेष रुचि और अच्छी पकड़ है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
दिलीप सेन को मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में विभिन्न प्रिंट और डिजिटल न्यूज़ चैनलों के साथ काम करने का अनुभव है। वह निम्नलिखित मीडिया संस्थानों से जुड़े रहे हैं:
- दैनिक भास्कर
- सीधा सवाल
- सच बेधड़क न्यूज़ चैनल
- प्रातः काल (जिसके साथ वह साल 2025 से निरंतर जुड़े हुए हैं)
शैक्षणिक योग्यता (Education)
उन्होंने अपनी शिक्षा 12वीं पास तक पूरी की है।
