छोटीसादड़ी। नए साल के आगमन के साथ ही छोटीसादड़ी उपखण्ड क्षेत्र में मौसम ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले दो दिनों से समूचा क्षेत्र भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चादर में लिपटा हुआ है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सुबह और शाम की सर्दी अब दिन के समय भी लोगों को ठिठुराने लगी है, जिससे क्षेत्र में 'छूटी धूजणी' जैसी स्थिति पैदा हो गई है। बर्फीली हवाओं के तीखे तेवरों ने न केवल तापमान में भारी गिरावट दर्ज की है, बल्कि लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है।

क्षेत्र में बीते दो दिनों से सुबह के समय दृश्यता (विजिबिलिटी) शून्य के करीब पहुँच रही है। घने कोहरे के कारण यातायात व्यवस्था पर गहरा प्रभाव पड़ा है; सड़कों पर रेंगते दो पहिया और चौपहिया वाहनों के चालकों को दिन के उजाले में भी हेडलाइट्स का सहारा लेना पड़ रहा है। हालांकि, दोपहर के समय सूर्य देव के दर्शन होने से लोगों को आंशिक राहत तो मिलती है, लेकिन सर्द हवाओं की गलन धूप के असर को बेअसर कर देती है। जैसे ही सूरज ढलता है, सर्दी का जोर और अधिक तीखा हो जाता है, जिससे बाजारों में सन्नाटा पसरने लगा है।

इस हाड़ कपा देने वाली ठंड का सबसे ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर देखने को मिल रहा है, जो दिनभर रजाई और अलाव के सहारे ही खुद को सुरक्षित रख पा रहे हैं। स्थानीय लोग अब केवल अति-आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। शीतलहर और गलन की स्थिति इतनी गंभीर है कि धूप भी लोगों को पूर्ण राहत दिला पाने में नाकाम साबित हो रही है। बर्फीली हवाओं के थपेड़ों ने मानो रफ्तार को थाम सा दिया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित है। क्षेत्र में मौसम का यह मिजाज आने वाले दिनों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है।

Pratahkal Newsroom

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