टीएसपी क्षेत्र के हजारों यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग को लेकर राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) के प्रबंध निदेशक को ज्ञापन भेजा गया है। ज्ञापन में वर्षों से बंद पड़ी रोडवेज बस सेवाओं को पुनः शुरू करने की मांग करते हुए उदयपुर, चित्तौड़गढ़ एवं प्रतापगढ़ आगार की पूर्व में संचालित बस सेवाओं को बहाल करने का आग्रह किया गया है।

ज्ञापन में बताया गया कि उदयपुर-नीमच, उदयपुर-छोटीसादड़ी, उदयपुर-झालावाड़, राजसमंद-प्रतापगढ़, भीलवाड़ा-सूरत, चित्तौड़गढ़-नीमच तथा प्रतापगढ़-भीलवाड़ा सहित दस प्रमुख बस सेवाएं लंबे समय से बंद हैं। इन मार्गों के राष्ट्रीयकृत होने के बावजूद वर्तमान में निजी बसों एवं लोक परिवहन वाहनों का संचालन हो रहा है, जिसके कारण यात्रियों को मनमाना किराया देना पड़ रहा है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि निजी वाहनों में महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों तथा अन्य पात्र वर्गों को किसी भी प्रकार की किराया रियायत उपलब्ध नहीं कराई जाती, जबकि रोडवेज बसों में सरकार द्वारा निर्धारित रियायतों का लाभ यात्रियों को मिलता है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि वर्ष 2015 तक इन मार्गों पर संचालित रोडवेज बसें संबंधित डिपो की सर्वाधिक आय देने वाली बसों में शामिल थीं, लेकिन बाद में इनका संचालन बंद कर दिया गया।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि वर्तमान में रोडवेज के पास पर्याप्त बसें उपलब्ध होने के बावजूद इन मार्गों पर सेवाएं बहाल नहीं की जा रही हैं। इससे आमजन को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। उदाहरण देते हुए बताया गया कि छोटीसादड़ी से नीमच मात्र 20 किलोमीटर की दूरी के लिए निजी वाहन 30 रुपये तथा छोटीसादड़ी से बड़ीसादड़ी 34 किलोमीटर की दूरी के लिए 50 रुपये तक किराया वसूल रहे हैं।

प्रतापगढ़ डिपो की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। नगरवासियों ने आरोप लगाया कि प्रतापगढ़ रोडवेज डिपो की लापरवाही के कारण क्षेत्र में परिवहन सुविधाएं लगातार प्रभावित हो रही हैं। उनका कहना है कि पर्याप्त रोडवेज बसें उपलब्ध नहीं होने से लोगों को मजबूरन निजी बसों, जीपों और अन्य वाहनों में सफर करना पड़ रहा है। टीएसपी क्षेत्र होने के बावजूद आमजन को अपेक्षित परिवहन सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।

ज्ञापन में मांग की गई है कि राष्ट्रीयकृत मार्गों पर रोडवेज बसों का संचालन जल्द से जल्द बहाल किया जाए, ताकि यात्रियों को सस्ती, सुरक्षित और रियायती यात्रा सुविधा मिल सके। इससे निगम के राजस्व में भी वृद्धि होने की बात कही गई है।

ज्ञापन की प्रतिलिपि परिवहन मंत्री, राजस्थान मानवाधिकार आयोग तथा चित्तौड़गढ़, उदयपुर, प्रतापगढ़ एवं राजसमंद के जिला कलक्टरों को भी भेजी गई है। अब क्षेत्र के यात्रियों की नजर रोडवेज प्रबंधन की ओर है कि बंद पड़ी बस सेवाओं को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।

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