भूतियावाड़ घाटी में खाई में गिरी रोडवेज बस, 20-25 यात्री सवार, 10 घायल
प्रतापगढ़ की भूतियावाड़ घाटी में रोडवेज बस खाई में गिरने से 10 यात्री घायल हुए। हादसे के बाद सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठे हैं।

तस्वीर में रोडवेज बस हरियाली के बीच खाई में पलटी हुई दिखाई दे रही है।
प्रतापगढ़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग 56 पर सोमवार सुबह बड़ा सड़क हादसा हो गया। बारावरदा क्षेत्र की भूतियावाड़ घाटी स्थित नर्सरी के पास सूरत से चित्तौड़गढ़ जा रही राजस्थान रोडवेज की बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा गिरी। हादसे के समय बस में करीब 20 से 25 यात्री सवार बताए जा रहे थे। दुर्घटना में 10 यात्री घायल हुए हैं, जिन्हें जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ में भर्ती कराया गया है।
हादसे की सूचना मिलते ही धमोतर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अधिकारी घीसू लाल तेली पुलिस जाप्ते के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू करवाया। यात्रियों को बस से बाहर निकालकर एंबुलेंस की मदद से जिला चिकित्सालय प्रतापगढ़ पहुंचाया गया।
बस चालक जगदीश खटीक के सिर में भी चोट लगी है और उसका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। चालक ने बताया कि चित्तौड़गढ़ की ओर जाते समय अचानक बस के ब्रेक चिपक गए। इससे बस अनियंत्रित हो गई और घूमते हुए प्रतापगढ़ की ओर मुड़कर सड़क किनारे खाई में जा गिरी।
वहीं, एक घायल यात्री के अनुसार सामने से आ रही कार को बचाने के प्रयास में बस चालक ने नियंत्रण खो दिया था। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। राहत की बात रही कि दुर्घटना में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।
हादसे में सुरेश पिता रामलाल मीणा निवासी वरमंडल, रेखा निनामा निवासी सागवाड़ा, अर्जुन पिता भंवरलाल आंजना निवासी बसाड़, मोहित पिता रमेश जैन निवासी अरनोद, अनिल पिता मोड़ीराम टेलर निवासी कुलमीपुरा, पवन पिता लालचंद मेघवाल निवासी निकुंभ चौराहा चित्तौड़गढ़, संजूबाला निवासी मनोहरगढ़, रूपलाल मीणा निवासी मनोहरगढ़, प्यार सिंह पिता नाहर सिंह निवासी नारायणखेड़ा और दिव्याकंवर घायल हुए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार भूतियावाड़ घाटी लंबे समय से दुर्घटना संभावित क्षेत्र है। यहां पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग को कई बार क्षेत्र की समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए।
ग्रामीणों का आरोप है कि घाटी में पहले मौजूद गति अवरोधक को राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग ने हटा दिया। इसके बाद वाहनों की तेज रफ्तार के कारण हादसों का खतरा और बढ़ गया है। ग्रामीणों ने सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दख सहित संबंधित अधिकारियों को भी कई बार समस्या से अवगत कराने की बात कही है।
ग्रामीणों ने भूतियावाड़ घाटी में आवश्यकतानुसार गति अवरोधक बनाने, पर्याप्त चेतावनी एवं दिशा-सूचक संकेतक लगाने तथा दुर्घटना संभावित स्थान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते सुरक्षा उपाय नहीं किए गए तो भविष्य में यहां बड़ा हादसा हो सकता है।

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